संभल। जामा मस्जिद कमेटी के सदर जफर अली एडवोकेट मंगलवार को संभल स्थित ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश हुए। उनके खिलाफ अदालत से एक पुराने केस में वारंट, जबकि एक अन्य मामले में समन जारी हुए थे। कोर्ट से जफर अली की जमानत मंजूर हो गई।
19 जनवरी 2018 को जामा मस्जिद कमेटी इंतजामिया कमेटी के सदर जफर अली के खिलाफ एएसआई ने मुकदमा दर्ज कराया था। एएसआई का आरोप था कि जामा मस्जिद संरक्षित इमारत है। इसमें बिना अनुमति के ग्रिल क्यों लगाई गई। इस मामले की सुनवाई संभल में ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट कोर्ट में चल रही है।
इस बीच 24 नवंबर को संभल में हुए बवाल में भूमिका मानते हुए पुलिस ने जफर अली को गिरफ्तार कर लिया था। वह 23 मार्च से जेल में हैं।
साल 2018 के मामले में मंगलवार को उन्हें पुलिस मुरादाबाद जेल से संभल लाई। कोर्ट में दोनों ओर के अधिवक्ताओं की जिरह के बाद कोर्ट से जफर अली की जमानत मंजूर हो गई।
इस दौरान कोर्ट परिसर में कड़ी सुरक्षा रही। जफर अली से उनके परिजनों ने भी कचहरी पहुंचकर मुलाकात की। बाद में जफर अली को फिर जेल भेज दिया गया।