जुनावई। थाना क्षेत्र के गांव दुबारी कलां में पिता-पुत्री की दुर्घटना में मौत होने पर गांव में मातम छाया हुआ है। पोस्टमार्टम के बाद जब पिता-पुत्री के शव गांव में पहुंचे तो परिवार में चीख पुकार मच गई। एक साथ पिता-पुत्री के जनाजे उठे तो हर आंख नम हो गई। पिता पुत्री को दफनाने के के लिए दोनों की कब्र एक से दो फीट के फासले पर खोदी गईं।
थाना क्षेत्र के दुबारी कला गांव में सलीम अपनी आठ वर्षीय बेटी अल्शिफा के साथ मकान के दरवाजे पर रोज की तरह सोए थे। जबकि उन्हें नहीं मालूम था कि उन दोनों को अगला दिन देखना नसीब नहीं होगा।
रात 12 बजे के बाद काल बनकर आई कार सलीम की चारपाई और ई-रिक्शा को तीस मीटर दूर तक खींचते हुए ले गई। इस दुर्घटना में पिता-पुत्री दोनों की मौत हो गई। शाम को पोस्टमार्टम के बाद दोनों के शव गांव पहुंचे तो परिवार में चीख पुकार मच गई। दुखी परिवार को ढांढस बंधाने के लिए ग्रामीणों की भीड़ लग गई।
एक साथ दोनों के जनाजे उठे तो हर आंख छलक उठी। इमाम के द्वारा पिता पुत्री के शवों की एक साथ नमाज अदा की गई। वहीं दफनाने के दौरान सबसे पहले पिता को कब्र में अंदर उतार कर कब्र मिट्टी चढ़ाई गई। बाद में पुत्री को कब्र में अंदर उतारा गया। फिर उसकी कब्र पर मिट्टी चढ़ाई गई। सलीम अपने पीछे दो वर्ष का एक बेटा, दो मासूम बेटियों और पत्नी को छोड़ गया है।