संभल। हरियाणा के मेवात में मंदिरों पर जाते हुए श्रद्धालुओं पर जानलेवा हमले के विरोध में बजरंग दल और विहिप के कार्यकर्ता शंकर कॉलेज चौराहे पर एकत्र हुए। घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए प्रदर्शन किया और पुतला फूंका। इस दौरान पुलिस ने पुतले को छीनने की कोशिश की, पर कार्यकर्ता नहीं माने और पुतला फूंक दिया गया। मृतकों को 1-1 करोड़ और घायल को 20-20 लाख रुपये मुआवजा दिए जाने की मांग की है।
हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता बुधवार को शंकर चौराहे पर एकत्रित हुए। कार्यकर्ताओं ने मेवात में हुई घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए प्रदर्शन कर हिंदू धार्मिक यात्रा पर हुए जिहादी क्रूरता के विरोध में आंतकवाद का पुतला फूंका। विहिप जिला अध्यक्ष अमित वार्ष्णेय ने कहा कि इस घटना के जिम्मेदार वे लोग हैं जो इन दंगाइयों को भड़काते हैं उनके भड़काने के कारण से ही, मुहर्रम व रामनवमी पर हमले होते हैं। घटना में कितने लोग बलिदान हुए है, प्रशासन से भी इस बारे में सही आंकड़े नहीं मिल पा रहे हैं। घायलों की चिंता और उनके उचित उपचार की व्यवस्था की जाए। गंभीर आत्म विश्लेषण का अवसर है कि कल नूह में डायरेक्ट एक्शन की तरह का वातावरण बना था। ज़िला संयोजक नितिन शर्मा ने कहा कि श्रावण मास में प्रतिवर्ष किसी भी सोमवार पर मेवात के अंदर भगवान शंकर का आशीर्वाद लेने के लिए महाभारत कालीन पांच मंदिरों में श्रद्धालु जाते हैं। उपद्रवियों ने इसी दौरान हमला कर दिया। प्रदर्शनकारियों में अतुल, वैभव, कपिल, अजय, सुधांशु, सजल, विष्णु, राजेश, मोहन, अमित, हिमांशु, आलोक, राज शर्मा, सौरभ, मनीष, अभिषेक सैनी, नागेंद्र राघव अभिषेक, दीपक आदि मौजूद रहे।