संभल। जिला बने हुए 14 वर्ष से ज्यादा का समय बीत गया है लेकिन जिला अस्पताल को स्थायी भवन 2025 में भी नहीं मिला है। इस वर्ष भवन निर्माण की कवायद तेज हुई लेकिन मामला न्यायालय तक पहुंचा तो स्थान बदलना पड़ा। अब बहजोई के गांव फतेहपुर शरीफनगर में 100 बेड की क्षमता वाला जिला अस्पताल का भवन बनना है। इसकी प्रक्रिया तेजी से चल रही है। जबकि इससे पहले बहजोई शहर में बड़े मैदान पर प्रस्तावित था।
जिला अस्पताल संभल में सीएचसी की बिल्डिंग में फिलहाल संचालित होता है। आम लोगों के लिए तो जिला अस्पताल में इस वर्ष कई सुविधाएं शुरू हुई हैं लेकिन 20 वेंटिलेटर ऑपरेटर की तैनाती नहीं होने के चलते धूल फांक रहे हैं। मजबूरन गंभीर मरीजों को रेफर किया जाता है। वहीं, दूसरी ओर 14 वर्षाें में चिकित्सकों की तैनाती को लेकर समस्या है। 23 पदों के सापेक्ष 10 ही पदों पर तैनाती है। 13 पद रिक्त चल रहे हैं।
000000000000
जिला अस्पताल के खाते में आईं कई उपलब्धियां
संभल। साल 2025 में जिला अस्पताल में कई उपलब्धियां आई हैं। अस्पताल में आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन कार्यक्रम के तहत ऑनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था हो गई है। आयुष्मान भारत बीमा के तहत आर्थोपेडिक शल्य चिकित्सा और अन्य शल्य चिकित्सा की व्यवस्था है। थैलेसीमिया रोगियों के लिए रक्त की सुविधा हुई है। मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत मनोरोग ओपीडी भी चल रही है। इसके अलावा मानसिक रोग विशेषज्ञ की तैनाती हुई है। एनसीडी क्लीनिक शुरू हो गई है। डायबिटीज हाइपरटेंशन के डॉक्टर आ गए हैं। गायनी की डॉक्टर, एनेस्थेटिस्ट डॉक्टर भी आ गए हैं। संवाद
0000000
आने वाले साल से उम्मीदें
संभल। जिला अस्पताल में वर्ष 2026 में कुछ और सुविधाएं होने की उम्मीद है। जिनमें आधुनिक मशीनों की व्यवस्था हो सकेगी। इनमें सी-आर्म फॉर आर्थोपेडिक सर्जरी की मशीन की व्यवस्था होगी। सी-पीएपी मशीन भी उपलब्ध हो जाएगी। यह मशीन एसएनसीयू के लिए होगी। इसके अलावा स्तनपान प्रबंधन इकाई तैयार हो चुकी है। इसका उद्घाटन होना बाकी है। संवाद
0000000
वर्जन-
अस्पताल में 20 वेंटिलेटर हैं लेकिन इनके संचालन के लिए ऑपरेटर की व्यवस्था नहीं हो सकी है। कुछ वेंटिलेटर बेडों पर लगे हैं और कुछ सुरक्षित रखे हैं।
डॉ. राजेंद्र सैनी,
कार्यवाहक सीएमएस जिला अस्पताल संभल