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Sambhal News: पीड़ित किशोरों की हिम्मत के आगे अपराधियों ने टेक दिए घुटने

Fri, 24 Jan 2025 01:16 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
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रामपुर। दरिंदगी से पीड़ित 110 किशोरों व बच्चों की हिम्मत और साहस के आगे अपराधियों ने घुटने टेक दिए हैं। वह न धमकी से डरे और न ही उनके अभिभावक लालच में आए। पुलिस ने भी साथ दिया। अपराध के विरुद्ध इन पीड़ितों ने न्याय के लिए लड़ाई लड़ी। अपराधियों के विरुद्ध 110 पीड़ितों की हिम्मत के बूते ही दो वर्ष में 132 दोषी जेल की सलाखों के पीछे सजा काट रहे हैं। यह उन पीड़ितों के लिए प्रेरणा है, जो लोकलाज की बात कहकर घटना छिपा लेते हैं।
ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत रामपुर पुलिस के मॉनिटरिंग सेल ने जघन्य और दुष्कर्म के मामलों को चिह्नित कर पीड़ितों को न्याय दिलाया है। इसमें जिन किशोरियों और बच्चों के साथ दुष्कर्म की घटनाएं हुई थीं, मॉनिटरिंग सेल ने उन 110 मामलों पर काम किया। केस डायरी से लेकर विवेचना तक सक्रियता दिखाई। परिणाम स्वरूप पीड़ितों को न्याय और अपराधियों को सजा मिली।
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महिला प्रकोष्ठ प्रभारी इंस्पेक्टर प्रीति यादव और मॉनिटरिंग सेल प्रभारी शिव प्रताप बताते हैं कि पॉक्सो एक्ट के मामलों में पीड़ितों और उनके परिवार के लोगों को न्याय दिलाने के लिए उनको कोर्ट में अपनी बात कहने के लिए तैयार किया गया। इस बीच कई ऐसे पीड़ित एवं उनके माता-पिता भी मिले जो कोर्ट में बात रखने को तैयार नहीं थे। लोकलाज और अपराधियों की धमकी से वह कोर्ट में आने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे। लेकिन, कई बार की काउंसिलिंग में उन लोगों को समझाया गया। उनको बताया गया कि अपराधियों के हौसले पस्त करने के लिए आपको कोर्ट में अपनी बात रखनी पड़ेगी, नहीं तो अपराधियों के हौसले बढ़ेंगे। इन्होंने आज आपकी बेटी के साथ घटना की तो कल और किसी बेटी को अपनी दरिंदगी का शिकार बनाएंगे। इस तरह पीड़ित पक्ष ने पुलिस की बात को समझा और बिना भय के कोर्ट में अपनी बात रखी।
31 दिन में ही अभियुक्त को सजा दिलाने में सफल हुई पुलिस
बिलासपुर क्षेत्र में रहकर मजदूरी करने वाले बदायूं जिले के दंपती के जीवन में सबसे खराब समय सात अगस्त 2024 को आया। उनकी मासूम छह वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म हुआ था। साथी मजदूर 20 वर्षीय अश्वनी ने उनके कमरे पर बच्ची से घिनौनी हरकत की थी। वह हरदोई जिले के थाना टड़ियाव के गांव बांधा का रहने वाला था। बच्ची के माता-पिता घर में नहीं थे। घटना के अगले दिन ही एफआईआर हुई और उसी दिन अश्वनी को गिरफ्तार कर पुलिस ने कोर्ट में पेश कर दिया था। फिर 11 दिन में ही पुलिस ने कोर्ट में आरोपपत्र भी दाखिल कर दिया था। कोर्ट में पुलिस की मजबूत पैरवी रही। नतीजा यह हुआ कि घटना के 31 दिन में ही पीड़ित परिवार को न्याय मिला और दोष सिद्ध अभियुक्त अश्वनी को 20 साल के कठोर कारावास और एक लाख रुपये का अर्थ दंड मिला। प्रभारी निरीक्षक बलवान सिंह बताते हैं कि इस घटना से पीड़ित दंपती टूट गया था। वह आरोपी के विरुद्ध मुखर होने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। लेकिन, उसे सुरक्षा और कार्रवाई का भरोसा दिया गया। बच्ची को भी महिला पुलिस कर्मियों ने भी समझाया था।
पीड़िता ने दिखाया साहस, अभियुक्त को सजा
16 वर्षीय किशोरी के साथ और कोई नहीं बल्कि उसके चचेरे भाई ने ही रिश्तों को कलंकित किया था। मामला संज्ञान में आते ही पुलिस ने चार अगस्त 2024 को एफआईआर दर्ज की थी। फिर अगले ही दिन आरोपी संजीव को धर दबोचा था। पुलिस ने घटना के 25 दिन के अंतराल में ही कोर्ट में चार्जशीट भी दाखिल कर दी थी। मॉनिटरिंग सेल ने भी अपनी सक्रियता दिखाई। घटना के बाद ऑपरेशन होने से पीड़िता काफी टूट चुकी थी। हालांकि, महिला पुलिसकर्मियों ने उसकी काउंसिलिंग की। माता-पिता को समझाया और कोर्ट में पक्ष रखने के लिए मजबूत किया था। पुलिस की कार्यशैली से घटना के 25 दिन के अंतराल में ही अभियुक्त संजीव का दोष सिद्ध हो पाया। उसे 20 वर्ष के कठोर कारावास और एक लाख रुपये का अर्थ दंड मिला।
ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत जून 2023 से अब तक 624 मामले चिह्नित कर दोषियों को सजा दिलाई गई है। पॉक्सो, महिला अपराध और अन्य जघन्य मामलों में कोर्ट में अपराधियों के विरुद्ध लगातार मॉनिटरिंग होती है। एक-एक मुकदमे की पैरवी के लिए हर रोज समीक्षा करते हैं। जिसके परिणाम भी सार्थक देखने को मिले हैं।
- विद्यासागर मिश्र, एसपी


हर पेशी पर पुलिस ने पीड़ितों का दिया साथ

बिलासपुर के एक पीड़ित परिवार ने बताया कि उनकी बच्ची के साथ दरिंदे ने सारी हदें पार कर दी थीं। वह उन लोगों को धमका भी रहा था। पैसे का लालच भी दे रहा था। ऐसे में पुलिस ने पीड़ित परिवार का हर पल साथ दिया। कोर्ट में प्रत्येक पेशी पर पुलिस पीड़ित परिवार को सुरक्षा देती थी। बच्ची को भी न्याय पाने के लिए मानसिक रूप से तैयार किया था। इसके लिए वह परिवार पुलिस के प्रति आभार भी जता रहा है।
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182 सनसनीखेज मामलों में 386 को सजा

मॉनीटरिंग सेल पिछले दो सालों में हुई हत्या, लूट-डकैती जैसी सनसनीखेज 182 वारदातों में भी कोर्ट में साक्ष्य प्रस्तुत करने में बेहतर प्रदर्शन किया है। इसमें 386 अभियुक्तों को सजा दिलाई है। इसी तरह शराब, अवैध शस्त्र समेत अन्य 332 मामलों में भी कोर्ट में पुलिस की मजबूत पैरवी रही है। इनमें पुलिस 397 अभियुक्तों को सजा मिली है।

23 जून 2023 से अब तक पैरवी को चिह्नित मामले

घटना की प्रवृत्ति - घटनाएं - सजा पाए अभियुक्त

सनसनीखेज मामले- 182 - 386

पॉक्सो एक्ट - 110 - 132

अन्य मामले - 332 - 397

कुल वाद - 624 - 915

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