चंदौसी (संभल)। बनियाठेर थाने के बैरक में रूम हीटर जलाकर सो रहे कांस्टेबल लक्ष्मण प्रसाद की देररात हालत बिगड़ गई। समय रहते उसे कमरे से निकाल लिया गया। कमरे का दरवाजा तोड़ने पर हेडमोहर्रिर का दायां पैर टूट गया है। दोनों को चंदौसी अस्पताल में प्राथमिक उपचार के लिए लाया गया। इसके बाद दोनाें को मुरादाबाद रेफर कर दिया गया।
बनियाठेर थाने में तैनात कांस्टेबल लक्ष्मण प्रसाद कार्यालय मुंशी है। सोमवार की देररात वह अपने कमरे में सो रहा था। उसने ठंड से बचाव के लिए रूम हीटर लगाया था। दरवाजा और खिड़की दोनों अंदर से बंद की थी। देररात जरूरत पड़ने पर कार्यालय से उसे कई बार फोन किया गया। लेकिन उसने फोन का जवाब नहीं दिया। इसके बाद हेडमोहर्रिर यशराज सिंह उसे देखने कमरे पर पहुंचा। उसने कमरे पर काफी आवाज दी। इसके बाद भी कोई जवाब नहीं मिला। इसी बीच अन्य पुलिसकर्मी भी वहां पहुंच गए। हेडमोहर्रिर ने कमरे के दरवाजे को तोड़ा। यहां कांस्टेबल लक्ष्मण प्रसाद बिस्तर पर अचेत पड़ा था। आनन फानन में उसे पुलिस कर्मियाें ने चंदौसी सीएचसी में उपचार के लिए भिजवाया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सक ने उसे रेफर कर दिया। वहीं कमरे का दरवाजा तोड़ते समय हेडमोहर्रिर का दायां पैर टूट गया। उसे भी इलाज के लिए भर्ती कराया गया है।