संभल। शहर के चंदौसी मार्ग पर स्थित गांव सैफखां सराय में मौलाना खुर्शीद मियां की मजार, परिसर में बनी मस्जिद और मकान को हटाने के आदेश के खिलाफ शहर इमाम डीएम कोर्ट में अपील करेंगे। मंगलवार को उन्होंने अधिवक्ता के माध्यम से दस्तावेज की प्रक्रिया पूरी कराई है। वह बुधवार को कोर्ट जा सकते हैं।
यह आदेश संभल तहसीलदार न्यायालय से सोमवार को किया गया था। शहर इमाम आफताब हुसैन वारसी और उनके भाई मेहताब हुसैन वारसी पर सात करोड़ रुपये का भी जुर्माना लगाया गया है। तहसीलदार कोर्ट ने खाली करने के लिए 30 दिन का समय दिया है। इस अवधि में ही वह अपनी अपील कर कार्रवाई को रोकने का प्रयास करेंगे।
दरअसल शहर इमाम और उनके भाई का मकान जिस दो बीघा जमीन के परिसर में बना है। वह ग्राम समाज की घोषित की गई है। इस दो बीघा जमीन में ही एक मस्जिद और मजार भी बनी है। तहसीलदार कोर्ट ने खाली करने का आदेश 1972 के आदेश के क्रम में दिया है। 1972 में तत्कालीन तहसीलदार ने गलत तरीके से किए गए पट्टे निरस्त कर ग्राम समाज की भूमि घोषित की थी।
तहसीलदार धीरेंद्र सिंह का कहना है कि ग्राम समाज की भूमि पर कब्जा किया हुआ था और धारा 67 के तहत कार्रवाई को आगे बढ़ाया जा रहा है। सात करोड़ रुपये का जुर्माना अदा करने और खाली करने के लिए 30 दिन का समय दिया है।
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जिले में एक वर्ष के अंदर सरकारी जमीनों पर से कई अवैध निर्माण हटाए गए
सरकारी जमीनों पर हुए अवैध कब्जों के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी है। एक वर्ष के अंदर छह मस्जिद, तीन मदरसे और एक मजार को हटाया जा चुका है। कई मस्जिद, मदरसे और मजारों के मामले विचाराधीन हैं। इन सभी पर सरकारी जमीनों में निर्माण किए जाने का आरोप है। सभी मामले जिले की तहसीलदार न्यायालयों में विचाराधीन हैं। अब सैफखां सराय में मस्जिद और मजार पर कार्रवाई के आदेश किए गए हैं।