फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

घर में जला बल्ब तो लगा रोशन हो उठी दुनिया

Mon, 18 Dec 2017 01:25 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला संभल
विज्ञापन
bulb
विज्ञापन
बिजली आज जीवन का हिस्सा है, लेकिन जिले में अभी भी 924 ऐसे गांव और आबादी हैं, जहां आज तक बिजली का प्रकाश नहीं पहुंचा है। इसमें कई गांव ऐसे हैं, जिनका विद्युतीकरण आधा अधूरा है, लोग वर्षो से यह आस लगाए बैठे हैं कि कब उनके घरों तक बिजली पहुंचेगी। केंद्र सरकार की सौभाग्य योजना ने यह सपना साकार कर दिया है, इनमें 752 गांवों का विद्युतीकरण पूरा कर लिया गया है। जिसमें रविवार को 28 गांव बटन दबाते ही रोशन उठे। साढ़े छह हजार घरों में पहली बार बल्ब जले, लगा जैसी दुनिया रोशन हो उठी। हर चेहरा खिला नजर आया।
विज्ञापन


आज के युग को बिजली का युग कहा जाता है, बिजली पर जिंदगी आश्रित होती नजर आती है, ऐसे में इसे अभिशाप ही कहा जाएगा कि जिले के करीब 924 गांव/मजरे, आज तक भी बिजली की रोशनी से भी महरूम हैं। इन 924 गांवों में ऐसे गांव भी शामिल हैं, जिनका विद्युतीकरण आधा अधूरा है, अथवा गांव में रोशनी है लेकिन उससे जुड़े मजरे विद्युतीकृत नहीं हैं।

अधीक्षण अभियंता वीके पांडेय ने बताया कि इन सभी गांवों का विद्युतीकृत करने का कार्य चल रहा था, अब इनमें से 752 गांवों का विद्युतीकरण पूरा कर लिया गया है। प्रधानमंत्री की सौभाग्य योजना के तहत विद्युतीकृत किए गए गांवों में विद्युत कनेक्शन देने की शुरुआत की गई है। रविवार को पहले दिन 28 गांवों का समारोहपूर्वक रोशन किया गया है। सभी समारोहों में देर शाम तक 6556 लोगों के विद्युत कनेक्शन जारी किए गए हैं।
विज्ञापन


इनमें धतरा शेख गांव में आयोजित समारोह में भाजपा सांसद सत्यपाल सैनी, लहरावन में राज्यमंत्री गुलाब देवी सहित अलग- अलग स्थानों पर अलग-अलग अतिथियों ने शुभारंभ किया। बटन दबाकर गांवों को रोशन किया। जैसे ही अतिथियों ने बटन दबाया, लोगों के घरों में बल्ब जल उठे. इसके साथ ही ग्रामीणों के चेहरों पर खुशी की लहर दौड़ गई, क्योंकि अब वह भी बिजली के पंखे की हवा ले सकेंगे, मोबाइल फोन चार्ज हो सकेगा, टेलीविजन आदि सभी विद्युत संयंत्रों की सुविधा मिल सकेगी। बच्चे बिजली की रोशनी में पढाई कर सकेंगे।

इस दौरान अधीक्षण अभियंता वीके पांडेय, अधिशासी अभियंता संभल पंकज शर्मा, मेरठ मुख्यालय से आए अधिशासी अभियंता वीडी गुप्ता सहित विद्युत विभाग के सभी अधिकारी कर्मचारी कार्यक्रमों में मौजूद रहे।

इन गांवों में आयोजित हुए समारोह
-धतरा शेख, लहरावन, बनियाठेर, सराय सिकंदर, मझावली, पंवासा, खिरनी, कैलमुंडी, सुनवर सराय, सिंहावली, भिरावटी, सैजना मुस्लिम, मुकर्रबपुर, सेमली, हरीपुर मिलक, हिसामपुर, गुलाबपुर, सलखना, बराही, कासमपुर, भारतल सिरसी, सौंधन, मिठौलीा, मुकर्रबपुर बंद, नंदपुर बीटा, सैदपुर जसकोली, रुस्तमपुर न्यावली, दबोई कला, हसनपुर मुजप्ता, बेहटा खास (बिलारी क्षेत्र) आदि गांव।

-यूं तो जिले के अविद्युतीकृत/आंशिक अविद्युतीकृत गांवों की संख्या-924 है लेकिन इसमें से 752 गांवों का विद्युतीकरण का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। आज से कनेक्शन देने का कार्य शुरू किया गया है, रविवार की शाम तक 28 गांवों में शिविर लगाकर पहले दिन 6556 ग्रामीणों को कनेक्शन दिए गए। इन गांवों की बिजली को शुरू कर दिया गया है। -वीके पांडेय अधीक्षण अभियंता (विद्युत) संभल

-इस खुशी का कोई आंकलन नहीं है, अंधेरे में रहते रहते एक जमाना बीत गया है, आज घर में बल्ब जला तो लगा कि नई दुनियां में आ गए। अब हमारे भी बच्चे बिजली की रोशनी में पढ़ेंगे। पंखे और कूलर की ठंडी हवा मिलेगी तो मोबाइल फोन चार्ज करने के लिए पड़ोसी गांवों में नहीं जाना होगा। -कुलदीप सिंह यादव बेहटा खास

-जब दूसरे स्थानो पर जाते थे, नाते रिश्तेदारों के यहां जाते थे, तो वहां पंखे व कूलर की ठंडी हवा मिलती थी, फ्रिज का ठंडा पानी मिलता था, लेकिन जब कोई हमारे यहां आता था तो वह गर्मियों व्में सिर्फ पसीना ही बहाता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। यह सोच कर ही बहुत खुशी महसूस हो रही है। -लक्ष्मीचंद बेहटा खास

-हमारे गांवों में तो बिजली कभी थी ही नहीं, अमर उजाला ने भी बीते सालों में कई बार गांव के विद्युतीकरण का मुद्दा उठाया था, अब जाकर गांव का विद्युतीकरण हो पाया है, अब हमारे गांव का भी विकास हो सकेगा। -प्रिंस यादव बेहटा खास
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें