मैंथा बाजार में ताजा मंदी को लेकर घबराहट भरा माहौल है। जिनके पास तेजी का माल रखा हुआ है। वे घाटे में डूब गए हैं और बाजार सुधरने की उम्मीद कर रहे हैं। इस बीच तेजी की उम्मीद लगाए बैठे किसानों को करारा झटका लगा है। मैंथा बाजार में एक सप्ताह के भीतर चार सौ रुपये प्रतिकिलो ग्राम तक की गिरावट दर्ज की गई है। इसके पीछे वायदा बाजार के माध्यम से भाव में उतार चढ़ाव करने वाले सटोरियों को एक बड़ा कारण माना जा रहा है। कुछ व्यापारियों और निर्यातकों ने मैंथा आयल को वायदा बाजार से हटाने की मांग उठाई है।
स्थानीय मैंथा व्यापारियों और किसानों का कहना है कि मैंथा आयल को वायदा कारोबार के लिए सूचीबद्ध किए जाने से मैंथा आयल के वास्तविक कारोबार को झटका लगा है। आए दिन कुछ सटोरिये बड़े सौदे करके मैंथा आयल के भाव में उतार चढ़ाव का प्रयास करते हैं। जिससे मैंथा आयल के बाजार में उथल पुथल होती है।
इसे लेकर मैंथा आयल को वायदा कारोबार की सूची से हटाने की मांग कई बार उठाई गई। मैंथा एसोसिएशन ने इसके लिए केंद्र सरकार को ज्ञापन भी दिए हैं लेकिन मैंथा आयल को वायदा कारोबार की सूची से नहीं हटाया गया। अब एक बार फिर मैंथा आयल को वायदा कारोबार से हटाने की मांग मुखर हो चुकी हैं। मैंथा एसोसिएशन के प्रतिनिधि इस संबंध में केंद्र सरकार तक पैरवी करने की तैयारी कर रहे हैं।
यहीं हाल रहा तो घाटे में डूबेंगी उत्पादक इकाइयां
संभल। मैंथा एसोसिएशन संभल के सचिव दीपक गुप्ता ने कहा कि बाजार भाव में लगातार हो रहे उतार चढ़ाव से मैंथा आयल से प्रोसिस करने वाली ईकाईयां घाटे में जा रही है। निर्यातकों को भी नुकसान हो रहा है। इसलिए जितनी जल्दी हो सके मैंथा को वायदा बाजार से हटा देना चाहिए।
वायदा बाजार में सटोरिया हावी, इसलिए आ रही मंदी
संभल। मैंथा निर्यातक आशुतोष रस्तोगी का कहना है कि विदेशी बाजार में इस समय क्रिसमस और नए साल की छुट्टियों का मौका है। जिसकी वजह से कारोबार कम हो रहा है। फरवरी में एक बार फिर बड़ी डिमांड निकलेगी। तब तक धैर्य बनाए रखने की जरूरत है। मंदी और घबराहट भरे माहौल में अपने माल की बिक्री न करें। जहां तक ताजा मंदी का सवाल है। इसके पीछे कुछ बड़े सटोरिये मुख्य कारण हैं। पी - 19
दाम में उतार-चढ़ाव से लोग उलझन में
मैंथा व्यापारी मिंजार हुुसैन ने कहा कि मैंथा के भाव में उतार चढ़ाव से मैंथा बेचने वाले लोग अब उलझन में फंस रहे हैं। लोग सोच रहे थे कि मैंथा के दामों में अभी ओर चढ़ाव आ सकता है लेकिन मैंथा के दाम में मंदी आ गई। अब लोग उलझन में हैं। सोच रहे हैं कि मैंथा बेचें या न बेचें।