जिले में नियमों का उल्लंघन करने वाले 11 ईंट भट्ठों पर जिला प्रशासन की निगाह टेढ़ी हो गई है। प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भट्ठों को बंद कराने का काम शुरू कर दिया है। नायब तहसीलदार, खनन अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण विभाग के वैज्ञानिक के मिलाकर बनी टीम ने चार ईंट भट्ठों को बंद कराया है। इनमे जेसीबी से कच्ची ईंटों को नष्ट करा दिया गया। भट्ठों के संचालकों से बिना अनुमति के ईंट भट्ठे न चलाने के लिए कहा गया है।
संभल जिले में नियमों को ताक पर रखकर कुछ ईंट भट्ठों का संचालन हो रहा है। ऐसे भट्ठों के पास न तो स्वच्छता का प्रमाण पत्र है और न ही प्रदूषण नियंत्रण विभाग से एनओसी ली हुई है। शिकायतों के बाद हाईकोर्ट संज्ञान लिया है। हाईकोर्ट और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड लखनऊ के आदेश पर प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है।
सोमवार को नायब तहसीलदार नितिन तनेजा, खनन अधिकारी सुरेश कुमार लकड़ा और प्रदूषण विभाग मुरादाबाद के वैज्ञानिक वीके राजपूत ने संभल क्षेत्र के ईंट भट्ठों पर छापेमारी की। अधिकारियों की जांच पड़ताल में नियमों का उल्लंघन करने वाले ईंट भट्ठे संचालित मिले। अधिकारियों ने भट्ठा संचालकों से अनुमति संबंधी अभिलेख मांगे मगर वे नहीं दिखा सके। इसके बाद कार्रवाई की गई।
जेसीबी से कच्ची ईंटों को नष्ट करा दिया गया। प्रदूषण विभाग के वैज्ञानिक ने बताया कि गांव मोहम्मदपुर टांडा में हाजी मुंशी ब्रिक वर्क्स, न्यू हाजी मुशी ब्रिक वर्क्स फाजलपुर, ताज ब्रिक वर्क्स गंदीपुर पास लाइसेंस नहीं थे। इसलिए भट्ठे बंद कराए गए। इसके अलावा गोल्डन ब्रिक वर्क्स ने रायल्टी जमा नहीं की थी। इसे भी बंद करा दिया गया। नायब तहसीलदार ने बताया कि यह कार्रवाई नियमों का पालन नहीं करने पर की गई है। क्षेत्र के कई और भट्ठों पर कार्रवाई होनी है।
हाईकोर्ट के आदेश पर 11 ईंट भट्ठों पर कार्रवाई होनी है। इनके पास रायल्टी और एनओसी नहीं है। भट्ठों को बंद कराया जा रहा है। अगर भविष्य में भट्ठों पर काम शुरू हुआ तो नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राशिद अली खां, उपजिलाधिकारी संभल