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Sambhal News: ट्यूशन में होमवर्क करके नहीं लाने पर की थी पिटाई, पिता ने दर्ज कराया था केस, आरोपी से कोचिंग के संबंध में मांगा जाएगा जवाब

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संभल। जामा मस्जिद कमेटी के सदर जफर अली एडवोकेट की रिहाई आज हो सकती है। मंगलवार को हाईकोर्ट का जमानत आदेश ऑनलाइन अपलोड हो गया। इस आदेश के बाद रिहाई की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। उम्मीद है कि बुधवार देर शाम तक उनकी रिहाई हो जाएगी।
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सदर के परिजनों का कहना है कि अदालत ने जमानत अर्जी 24 जुलाई को स्वीकार कर ली थी लेकिन जमानत का आदेश ऑनलाइन अपलोड नहीं हो सका था। इस कारण उनकी रिहाई की प्रक्रिया लंबित रही। मालूम हो कि जफर अली एडवोकेट 23 मार्च से जेल में बंद हैं। सेशन कोर्ट से जमानत खारिज होने के बाद परिजन हाईकोर्ट गए थे।
बता दें कि 24 नवंबर 2024 को जिस वक्त जामा मस्जिद का सर्वे किया जा रहा था, उसी दौरान भीड़ एकत्र हुई और बवाल हो गया था। इसमें पांच लोगों की जान गई थी और 29 पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। भीड़ ने तोड़फोड़ कर आगजनी की थी। इसमें लाखों रुपये का नुकसान हुआ था। इस दौरान सदर पर बवाल की साजिश रचने और गंभीर अपराध में झूठे बयान देने के आरोप लगे।
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बवाल की जांच के लिए एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने एसआईटी गठित की थी। एसआईटी ने जांच के दौरान जामा मस्जिद कमेटी के सदर को बवाल की साजिश रचने का आरोपी माना था। उन पर आरोप था कि उन्होंने 23 नवंबर की रात को सर्वे होने की जानकारी सांसद जियाउर्रहमान बर्क को दी थी।
इसके बाद सांसद के कहने पर भीड़ एकत्र करने में भी उनकी भूमिका थी। चार महीने की जांच के बाद उनकी गिरफ्तारी की गई थी। तब से ही वह मुरादाबाद की जेल में बंद हैं। अब हाईकोर्ट ने उनकी जमानत अर्जी मंजूर करते हुए जमानत दी है।
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