चंदौसी। गणेश मंदिर के सामने गजानन हाल में चल रही रासलीला में रविवार को कलाकारों ने सुदामा और कान्हा की मित्रता का बड़ा ही मनोहारी मंचन किया। सुदामा-श्रीकृष्ण की मित्रता का मंचन देख दर्शक भावुक हो उठे। इस बीच कलाकारों ने भजनों पर नृत्य कर सभी का मनमोह लिया।
मथुरा से आए कलाकारों ने मंचन के पहले भाग में दिखाया कि बाल रूप में श्रीकृष्ण और सुदामा संदीपन मुनि के आश्रम में शिक्षा ग्रहण करने के लिए पहुंच गए। यहां दोनों की घनिष्ठ मित्रता हो जाती है। दूसरे दृश्य में दिखाया कि सुदामा और श्रीकृष्ण जंगल में लकड़ी लेने के लिए जाते हैं, तब गुरु माता सुदामा को खाने के लिए चने देती है। जंगल में सुदामा चने को अकेले ही खा जाते हैं।
तीसरे मंचन में दिखाया कि आश्रम में शिक्षा समाप्त हो जाने के बाद श्रीकृष्ण और सुदामा अपने राज्य को वापस चले जाते हैं। भगवान श्रीकृष्ण द्वारिका के राजा और सुदामा गरीब ब्राह्मण के रूप में अपना जीवन यापन कर रहे होते हैं। पत्नी के बार-बार कहने पर सुदामा भगवान श्रीकृष्ण से मिलने के लिए द्वारिका जाते हैं। रासलीला मंडली में चुनमुन उपाध्याय, बब्बू, विकास वासुदेव, विष्णु, श्रयांश, लोकेश, मनोज व्यास, वीरेंद्र शर्मा, नागेश, भोलू कलाकार आदि शामिल रहे।