संभल। पिछले दो दशक में संभल शहर ने कई उतार-चढ़ाव देखे। शहर का चारों ओर बेतरतीब तरीके से विस्तार हुआ। आसपास एक दर्जन से अधिक कॉलोनियां और गांवों के वजूद में आने से शहर की आबादी दोगुनी हो गई है। बाजार, शॉपिंग मॉल, होटल, रेस्टोरेंट भी बन गए, लेकिन नगर पालिका क्षेत्र का विस्तार न होने से विकास का पहिया थम गया। पालिका विस्तार के लिए अब पहल हो रही है। अधिशासी अधिकारी बताते हैं कि बोर्ड की बैठक में पालिका विस्तार का प्रस्ताव रखा जाएगा। मंजूरी मिली तो यह शासन को भेजा जाएगा।
शहर का दायरा 20 वर्ष पहले भी 15.65 वर्ग किलोमीटर था और सरकारी रिकॉर्ड में अब भी इतना ही है। समस्याएं भी ज्यों की त्यों हैं। दो दशकों की इस अवधि में शहर में न सॉलिड वेस्ट प्लांट का संचालन शुरू हो पाया और न रोडवेज बस स्टेशन की उम्मीद पूरी हुई। सॉलिड वेस्ट प्लांट के निर्माण कराने के लिए छह करोड़ रुपये का बजट पास कर मंजूरी दी गई थी। रोडवेज बस स्टेशन के लिए भी फिरोजपुर में वर्ष-1993 में जमीन खरीदी जा चुकी है। जिला अस्पताल में 23 पद स्वीकृत हैं, लेकिन इनमें मात्र छह की ही नियुक्ति है। बाकी 17 पद अभी भी रिक्त हैं। यदि कोई महिला अपना उपचार कराने पहुंचे तो न स्त्रीरोग विशेषज्ञ है और न कोई पैथोलॉजिस्ट। मेडिकल कॉलेज बना, लेकिन यहां अभी बेहतर चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाएं नहीं हैं। पिछले कुछ सालों में मेडिकल कॉलेज, बाईपास मिला लेकिन सीमा विस्तार न होने से इनका दायरा सीमित रहा।
पालिका क्षेत्र से सटे हैं यह गांव
शहर की एक दर्जन से अधिक कॉलोनियां के अलावा शहर से सटे मंडी किशनदास सराय, आलम सराय देहात, शहजादी सराय, नूरियो सराय, सैफ खां सराय, लोधीसराय (नईबस्ती), सीतापुरी, वाजिदपुर सराय, नया गांव (मल्ली सराय), कमल सराय, वाजिद सराय, दतावली। इनमें करीब 25000 की आबादी रह रही है। यहां अब तक प्रधान चुने जाते हैं। यहां की आबादी न सिर्फ बदहाली का शिकार है, बल्कि मूलभूत सुविधाओं से वंचित है।
कॉलोनियों नई, पर सुविधाएं गांवों से भी बदतर
संभल। दो दशक में शहर में एक दर्जन से अधिक नई कॉलोनियां (छोटी-मोटी बस्तियां) बस गई हैं। गौर करने वाली बात यह है कि इन कॉलोनियों और बस्तियों में सड़कें तक नहीं हैं। वजह यह है कि यह नई कॉलोनियां और बस्तियां नगर पालिका के तहत नहीं आती हैं।
नौ वर्ष बाद में भी पूरा नहीं हो सका सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट
संभल। सरकार ने कूड़ा निस्तारण के लिए वर्ष-2012-13 में नखासा क्षेत्र के तुर्तीपुर इल्हा में सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का निर्माण कार्य कराने के छह करोड़ रुपये का बजट पास करते हुए मंजूरी दी थी। इसके बाद सालिड वेस्ट प्लांट का काम शुरू करा दिया गया। करोड़ों रुपये की कीमत मशीनों को लगाया गया, लेकिन बाद में कार्यदायी संस्था ब्लैकलिस्ट हो गई, जिसके बाद काम रुक गया। अधिशासी अधिकारी रामपाल यादव बताते हैं कि इसका सर्वे फिर से हो गया है। स्वीकृति मिलते ही दोबारा काम शुरू होगा।
एक नजर संभल में
शहर की आबादी
वर्ष-2011 - 2,20,813, अब इसमें स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 115208 बढ़ गई है।
वार्डों की संख्या- वर्ष-2017 तक- 33 अब 37 हो गई
पुलिस थाने-03
भवन-35000
शहर को सुंदर और बेहतर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। दिसंबर माह के अंत तक काफी सारे बदलाव देखने को भी मिलेंगे। पालिका विस्तार के लिए कार्ययोजना तैयार हो रही है। बोर्ड की बैठक में इसे रखा जाएगा। मंजूरी मिली तो जिलाधिकारी के माध्यम से शासन को भेजा जाएगा।
रामपाल यादव, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद, संभल।
पालिका का विस्तार होना चाहिए। नागरिकों को भी मूलभूत सुविधाएं मिलनी चाहिए। बिना भेदभाव के इसमें जनप्रतिनिधियों को दिलचस्पी दिखानी चाहिए।
सत्यप्रकाश, पूर्व विधायक, संभल।
15-जुलाई-1986 को पालिका का सीमा विस्तार हुआ था। उसके बाद से आज तक पालिका विस्तार को लेकर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। शहर में तमाम ऐसे मोहल्ले और कॉलोनियां वजूद में आए हैं, जहां के नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। मुख्यमंत्री के समक्ष यह मुद्दा उठा चुका हूं। पैरवी जारी रहेगी।
संजय सांख्यधर, सामाजिक कार्यकर्ता।