संभल। जिले में बेसमेंट में चल रहे कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी के खिलाफ प्रशासन ने एक विशेष अभियान शुरू किया है। डीएम अंकित खंडेलवाल ने शिक्षा विभाग और दमकल को संयुक्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। यह सतर्कता लखनऊ में हुए हादसे के बाद बरती जा रही है। प्रशासनिक अधिकारियों को भी इस अभियान की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
डीएम का कहना है कि मानक विहीन तरीके से संचालित होने वाले सेंटरों पर कार्रवाई की जाएगी। यदि ऐसे सेंटर संचालित मिलते हैं, तो उन पर सख्त कार्रवाई होगी। बृहस्पतिवार को संभल के नायब तहसीलदार अरविंद कुमार ने निरीक्षण किया। उन्होंने दो कोचिंग सेंटर और दो लाइब्रेरी की जांच की। जांच के दौरान मोहल्ला कोट पूर्वी में दो कंप्यूटर सेंटर और दो कोचिंग सेंटर देखे गए। इनमें से दो कोचिंग सेंटर बेसमेंट में चल रहे थे। सुरक्षा मानकों का पालन नहीं होने के कारण इन दोनों को बंद करा दिया गया था। डीएम का कहना है कि जिले की तीनों तहसील संभल, चंदौसी और गुन्नौर में चलाया जा रहा है। मानक पूरे होने के बाद ही संचालन किया जाना है। इसके लिए स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए हैं।
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इमरजेंसी रास्ता तक नहीं, फायर सेफ्टी की भी कमी
जिले में अभियान लखनऊ में हुए हादसे के बाद शुरू किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। बेसमेंट में संचालित होने वाले केंद्रों में सुरक्षा मानकों की कमी पाई जा रही है। इनमें अक्सर इमरजेंसी रास्ते तक नहीं है। प्रशासन ऐसे असुरक्षित सेंटराें को बंद करा रहा है। जिससे छात्रों की सुरक्षा में कोई चूक न हो सके।
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जिलेभर में संचालित कोचिंग सेंटर, मानकों का नहीं कर रहे पालन
जिलेभर में कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी का संचालन किया जा रहा है। शहर से लेकर देहात तक यह संचालित है लेकिन इन पर मानक पूरे नहीं है। कहीं बेसमेंट में संचालन किया जा रहा है तो कहीं संकरी गलियों में बना लिए हैं। इस पर अभी तक कोई निगरानी नहीं थी। इसके चलते इनकी संख्या लगातार बढ़ती चली गई। देहात क्षेत्र में लाइब्रेरी की संख्या बढ़ी है। डीएम का कहना है कि सुरक्षा को लेकर कोई लापरवाही नहीं बरती जा सकती है। शिक्षा विभाग और दमकल विभाग को इसकी जिम्मेदारी सौंपी है।