चंदौसी(संभल)। संपत्ति नीलामी में लापरवाही बरतने के मामले तहसीलदार से स्पष्टीकरण मांगा है। परिवार न्यायालय की प्रधान न्यायाधीश डॉ. मचला अग्रवाल ने तहसीलदार को नौ दिसंबर को न्यायालय में उपस्थित होकर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के आदेश जारी किए हैं।
जारी आदेश में कहा गया है कि न्यायालय में जलधारा बनाम करन सिंह थाना चंदौसी वाद लंबित है। इस प्रकरण में विपक्षी करन सिंह पर भरण पोषण राशि 1,56,800 रुपये देय है। जो विपक्षी द्वारा वादिनी जलधारा को अदा नहीं की जा रही है। इस धन की वसूली के संबंध में वादिनी द्वारा विपक्षी की संपत्ति विक्रय किए जाने की याचना की गई है। इस संपत्ति को कुर्क करने के लिए जिलाधिकारी को पत्र दिया गया था। जिसके बाद कुर्की की आख्या 17 नवंबर को न्यायालय में प्रस्तुत की गई।
न्यायालय ने कुर्की व नीलामी की तिथि 24 नवंबर नियत कर दी थी। इस संबंंध में न्यायालय की ओर से 1,56,800 रुपये की संपत्ति की नीलामी करने के लिए तहसीलदार को पत्र प्रेषित किया गया। कई बार रिमांडर किया गया लेकिन न तो संपत्ति की नीलामी की गई और न ही किसी कार्रवाई से न्यायालय को अवगत कराया गया। न्यायालय ने तहसीलदार को नौ दिसंबर तक न्यायालय में स्वयं उपस्थित होकर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं।