संभल में शुक्रवार को मौलानाओं के साथ तमाम मुसलमान सड़क पर उतर आए। उन्होंने जुलूस निकालते हुए चंदौसी चौराहा सभा की। इससे मुरादाबाद-बहजोई मार्ग पर करीब एक घंटे तक जाम लग गया। इस मौके पर सभा के बाद राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एडीएम को सौंपा।
उलमा-ए-इस्लाम के बैनर तले शुक्रवार को समान नागरिक संहिता और तीन तलाक के मुद्दे पर केंद्र सरकार का विरोध करने के लिए मौलाना मोहम्मद मियां कासमी के नेतृत्व में जुलूस निकाला गया। जुलूस मस्जिद हिलाली सराय से आरंभ होकर अस्पताल चौराहा, रोडवेज होते हुआ चंदौसी चौराहा पर पहुंचा। जहां पर एक सभा को आयोजन किया गया। सभा को संबोधित करते हुए मौलाना मोहम्मद मियां कासमी ने कहा कि हमारे देश की विशेषता उसकी अनेकता है। जबकि समान नागरिक संहिता हमारी इस विशेषता को समाप्त कर देने वाला कानून है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड शरीयत के हिसाब से है। इसे दुनिया की कोई शक्ति नहीं बदल सकती। हम केंद्र सरकार की समान नागरिक संहिता का पुरजोर विरोध करते है और करते रहेंगे।
इसके बाद मौलानाओं ने राष्ट्रपति संबोधित ज्ञापन एडीएम को सौंपा। इस दौरान मौलाना बिलाल अहमद, मौलाना ममलूकुर्रहमान बर्क, नवाब इनामुर्रहमान, सय्यद असलम, तहजीब आलम सैफी, मौलाना रहमत उल्लाह, मौलाना मोहम्मद मुस्लिम, मौलाना मोहम्मद कासमि, मौलाना जकरिया, चौधरी शरफ अली मौजूद रहे। जुलूस में पालिकाध्यक्ष कौसर अहमद भी शामिल रहे।
चंदौसी चौराहे पर हुई सभा, लगा जाम ः संभल। तीन तलाक के मुद्दे पर मुसलमानों ने जुलूस निकालकर चंदौसी चौराहा पर सभा की। सभा होने के चलते मुरादाबाद-बहजोई, संभल-चंदौसी, संभल-हसनपुर मार्ग पर एक घंटे तक जाम लगा रहा। धनतेरस पर खरीददारी करने के लिए नगर में आ रहे लोगों को खासी दिक्कत का सामना करना पड़ा। मुख्य मार्ग पर जाम लगने के कारण कुछ ही देर में नगर के कई हिस्सों में जाम लगा। हालांकि सभा खत्म होते ही जाम खत्म हो गया। एसडीएम अखिलेश यादव ने बताया कि ज्ञापन देने के संबंध में मुस्लिम समाज के लोगों ने प्रशासन से अनुमति प्राप्त की थी। जाम के बारे में यही कहेंगे कि कोई आयोजन होता है तो थोड़ी बहुत असुविधा हो जाती है।
एसडीएम के न आने पर एडीएम को बुलाया गया
संभल। ज्ञापन लेने के लिए प्रशासन की ओर से तहसीलदार पहुंचे थे लेकिन मौलानाओं ने उन्हें अपना ज्ञापन सौंपने से इनकार किया। वे एसडीएम को मौके पर बुलाने की मांग कर रहे थे। एसडीएम अशरफपुर गांव में मिलावट के खिलाफ छापेमारी करने गए थे। इसलिए देरी हुई। अंतत: एडीएम को बुलाया गया। उन्हें ज्ञापन सौंपा गया तब जाम खुला और सभा खत्म हुई।