चंदौसी(संभल)। गणेश मंदिर के सामने स्थित आश्रम में चल रही रासलीला में मंगलवार का मंचन देखने के लिए दर्शकों की भीड़ उमड़ पड़ी। मथुरा से आए कलाकारों ने मीराबाई के चरित्र का सजीव मंचन कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस दौरान कलाकारों पर दर्शकों ने पुष्प वर्षा की। मंगलवार को मथुरा से आए कलाकारों ने रासलीला के मंचन में दिखाया कि बचपन से ही मीराबाई भगवान कृष्ण की अनन्य भक्त होती हैं। जब वह विवाह योग्य हो जाती है तो उनके परिवार के लोग उनका विवाह कराना चाहते थे लेकिन मीराबाई भगवान श्रीकृष्ण को पति मानती हैं और अन्य किसी से विवाह नहीं करना चाहती। लेकिन उनके परिवार के लोग उनकी इच्छा के विरुद्ध जाकर मीराबाई का विवाह मेवाड़ के राजकुमार भोजराज से करा देते हैं।
अगले मंचन में दिखाया कि भोजराज की मृत्यु के बाद मीराबाई की भक्ति दिनों दिन बढ़ती जाती है। वह मंदिरों में श्रीकृष्ण की मूर्ति के सामने घंटों- घंटों नाचती है। उनकी भक्ति पति के परिजनों को अच्छी नहीं लगती और वे फिर मीराबाई को मारने का प्रयास करते हैं। लेकिन श्रीकृष्ण की कृपा से मीराबाई को कुछ नहीं हुआ। रासलीला मंडल में चुनमुन उपाध्याय, बब्बू, विकास वासुदेव, विष्णु ,श्रयांश, लोकेश, मनोज व्यास, वीरेंद्र शर्मा, नागेश, भोलू कलाकार आदि शामिल रहे।