संभल। भूमि संरक्षण विभाग संभल के द्वारा वाटरशेड कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में किसानों को प्राकृतिक खेती करने के तरीके बताए गए। साथ ही उन्हें इसके फायदे बताए गए।
बहजोई क्षेत्र के गांव भवन स्थित जनपद स्तरीय ट्रेनिंग सेंटर में प्रशिक्षण देते हुए मास्टर ट्रेनर आशुतोष प्रताप सिंह ने गुन्नौर ब्लॉक एवं पंवासा ब्लॉक की महिला समूह एवं प्रगतिशील किसानों को प्राकृतिक खेती करने के तरीके एवं उससे होने वाले लाभ के बारे में बताया। प्राकृतिक अनाज एवं सब्जियों से प्राकृतिक उत्पाद बनाकर अधिक मुनाफा कैसे कमाए, इस बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। केंचुआ खाद बनाने की विस्तारपूर्वक विधि समझाई और इसे बाजार में बेचने का तरीका समझाया। गन्ने से जैविक गुड़ एवं गन्ना मसाला चटनी बनाने का तरीका और मुनाफे के बारे में समझाया। किचन वेस्ट से बायोएंजाइम बनाने का तरीका समझाया।
महिला समूह कैसे दो-तीन घंटे दिन में काम करके अपने आय का एक स्रोत खड़ा कर सकते हैं, उसके बारे में पूरी जानकारी दी गई। अगर महिला समूह एवं किसानों को अपने उत्पाद बेचने में दिक्कत आ रही है, तो रजपुरा संभल फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी की तरफ से उनको मार्केटिंग में मदद देने की भी सुविधा प्रदान की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता ओंकार सिंह ने की। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. अरविंद कुमार, डॉ. ज्योति स्वरूप, नवनीत शेखर, सुदेश सिंह आदि रहे।