संभल। बुर्के में कांवड़ लाने से चर्चा में आईं तमन्ना मलिक ने रविवार को महाशिवरात्रि पर दोपहर एक बजे क्षेमनाथ तीर्थ पर भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। इस दौरान उनके पति अमन त्यागी भी साथ रहे। अमन और तमन्ना ने तीन साल पहले प्रेम विवाह किया था, जिसके बाद अमन के परिवार ने उन्हें नया नाम तुलसी दिया था। हालांकि इस शादी के लिए दोनों में से किसी ने धर्म परिवर्तन नहीं किया था।
असमोली थाना क्षेत्र के बदनपुर बसेई निवासी तमन्ना ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनकी सनातन धर्म में गहरी आस्था है लेकिन वह बुर्का पहनना चाहती हैं। पति इसका विरोध नहीं करते। किसी और की तरफ से बुर्के का विरोध स्वीकार नहीं है। इसलिए कोई उनके बुर्के का विरोध नहीं कर सकता।
पुराने अनुभवों पर चर्चा करते हुए बताया कि दोनों ने शादी का सपना पूरा करने के लिए करीब साढ़े तीन वर्ष पहले गांव छोड़ दिया था। बाद में एक मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से प्रेम विवाह किया था। करीब डेढ़ वर्ष बाद जब गांव लौटीं तो अमन त्यागी के परिवार ने उनको तुलसी नाम दिया। उनको तमन्ना मलिक और तुलसी दोनों नाम से पुकारा जाता है।
परिवार में दो बेटे हैं जिनके नाम आर्यन और यक्ष रखे हैं। शादी के लिए कांवड़ की मनौती बोली थी, जो पूरी हो जाने पर जलाभिषेक किया है। इसके लिए पति के साथ हरिद्वार से गंगाजल लाने के लिए 184 किमी का सफर पैदल पूरा किया। क्षेमनाथ तीर्थ पर जलाभिषेक करने के लिए वह पहुंचीं तो महंत बालयोगी दीनानाथ व अन्य लोगों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। महंत ने पूजन कराया।
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ईद मनाती हूं, व्रत भी रखती हूं... रोजे नहीं रखती
तमन्ना ने एक सवाल के जवाब में कहा कि वह ईद और अन्य मुस्लिम त्योहार भी मनाती हैं। पति या ससुराल से कभी नहीं रोका गया वह व्रत भी रखती हैं लेकिन रोजे नहीं रखतीं।