पवांसा ब्लॉक के गांव लहरशीश में चार पशुओं में लंपी के लक्षण मिले हैं। एक पशु की मौत हो गई है। पशुओं में बीमारी लगातार बढ़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि टीकाकरण के बाद कोई सरकारी टीम नहीं लौटी है। पशुओं में बढ़ती बीमारी चिंता का विषय है। पशु चिकित्साधिकारी का दावा है कि गांव में सभी पशुओं का टीकाकरण किया गया है। देखभाल के लिए ग्रामीणों से कहा गया है।
लहरशीश के निवासी श्रीनिवास ने बताया कि पिछले 20 सितंबर को पशु में लंपी के लक्षण मिले थे। जिसके बाद उसका टीकाकरण कर दिया गया। उसके बाद से पशुपालन विभाग का कोई अधिकारी नहीं आया। टीकाकरण होने के बाद भी पशु ठीक नहीं है। वहीं, ओमपाल ने बताया कि 20 सितंबर को ही पशु में लंपी के लक्षण दिखने पर पशुपालन विभाग को सूचना दी थी। पशुपालन विभाग की टीम ने टीकाकरण कर दिया था लेकिन पशु को अभी तक कोई फायदा नहीं है। पशु की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। सतीश ने बताया कि लंपी बीमारी के उपचार होने के बावजूद पशु की मौत हो गई। दूसरी ओर, चिरौली भगवंतपुर के प्रधान पति योगेश शर्मा ने बताया कि गांव में आवारा गोवंश में लंपी के लक्षण मिले हैं। इसकी सूचना पशुपालन विभाग के अधिकारियों को कई बार दी गई। इसके बावजूद भी गोवंशों का उपचार नहीं किया गया है। वहीं दूसरी ओर पशु चिकित्साधिकारी रविंद्र कुमार ने बताया कि पशुओं का टीकाकरण लगातार किया जा रहा है। किसानों का भी जागरूक किया जा रहा है।
गांव लहरशीश में पशु बीमार की अब जानकारी मिली है। बृहस्पतिवार को टीम भेजकर स्थिति को दिखवाया जाएगा।
डॉ. नागेंद्र सिंह, नोडल अधिकारी, पशु चिकित्सा विभाग, संभल