पांच प्रतिशत दुकानदार भी ऐसे नहीं हैं जिनके पास स्वैप मशीन हों। भुगतान के लिए घूम फिरकर नगदी या फिर चेक, आरटीजीएएस और नेफ्ट का ही विकल्प है। नतीजा यह है कि बड़े नोट बंद होने से कारोबारी ही नहीं आम लोग भी परेशान हो रहे हैं।
संभल मंडी परंपरागत बाजार की तरह है। यहां पर अधिकतर दुकानदार नगद में लेनदेन करते हैं। ग्राहक भी कैश लेकर खरीदारी करने आते हैं लेकिन जब से बड़े नोट बंद हुए हैं तब से दुकानदार और ग्राहकों ने भुगतान के दूसरे विकल्पों पर विचार शुरू कर दिया है। कुछ दुकानदार ऑनलाइन भुगतान की व्यवस्था के लिए जल्दी से जल्दी स्वैप मशीन लगवाना चाहते हैं।
अभी तक चुनिंदा व्यापारी ही स्वैप मशीन लगवाए हुए हैं। संभल में स्टेट बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक अमरेंद्र वर्मा ने बताया कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने एटीएम और डेबिट कार्ड से भुगतान प्राप्त करने वाली स्वैप मशीनें कई दुकानदारों को दे रखी हैं, जो दुकानदार इन मशीनों से दूर हैं उनके लिए ऑप्शन खुला हुआ है। बैकिंग ऑवर में आकर मशीन के संबंध में जानकारी लें और उसे इंस्टाल कराने के बाद अपने कारोबार को रफ्तार दे सकते हैं। इससे उन्हें कारोबार में आसानी होगी वहीं बिजनेस भी बढ़ेगा।