निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि कल्कि कथा में शामिल होने के लिए पहुंचे। उन्होंने कहा कि यह देश सनातनियों का है और सभी को सनातन की जयजयकार करनी होगी। राष्ट्रध्वज और भगवा ध्वज के नीचे झुकना होगा।
निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज ने कहा कि यह देश सनातनियों का है और सभी को सनातन की जयजयकार करनी होगी। राष्ट्रध्वज और भगवा ध्वज के नीचे झुकना होगा। यह देश ऋषियों का था। इस देश में न कोई मस्जिद थी और न किसी धर्म का कोई स्थल था।
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सभी ने मंदिरों की भूमियों पर अतिक्रमण कर अपने धर्मस्थल बनाए हैं। बृहस्पतिवार को स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज गांव ऐंचोड़ा कंबोह में चल रही सात दिवसीय श्री कल्कि कथा में शामिल होने के लिए पहुंचे। श्री कल्कि कथा तुलसी पीठाधीश्वर स्वामी रामभद्राचार्य महाराज द्वारा की जा रही है।
स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज ने एक सवाल के जवाब में कहा कि देश में सनातन की लहर है। सभी को सनातन अपनाना चाहिए। जो अपना नहीं सकते वो सनातन का सम्मान करें। श्री कल्कि महोत्सव को लेकर कहा कि कलियुग में राक्षसों और दुष्टों का अंत करने भगवान कल्कि आयेंगे।
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यह श्री कल्कि धाम आचार्य प्रमोद कृष्णम के साथ हम सभी सनातन को मानने वाले लोगों का है। इस मंदिर की नींव देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रखी है। जो सभी देशवासियों के लिए हर्ष और गर्व की बात है। इस मंदिर के निर्माण से पहले तमाम तरह की दिक्कतों का सामना आचार्य प्रमोद कृष्णम ने किया लेकिन कोर्ट ने रास्ता साफ कर दिया।
आगे कहा कि राममंदिर निर्माण में कितनी मुश्किल का सामना किया था। इसी तरह श्री कल्कि धाम के निर्माण में बाधाएं आई थीं। अब जल्द निर्माण पूरा होगा और जल्दी ही भगवान कल्कि का अवतरण होगा।