निलंबित दरोगा के मकान से बरामद सामान की जानकारी देते थाना प्रभारी।
- फोटो : निलंबित दरोगा के मकान से बरामद सामान की जानकारी देते थाना प्रभारी।
निलंबित दरोगा पर कानून का शिकंजा अब और कसने लगा है। उनकी मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। हेड मोहर्रिर पद पर हयातनगर थाने में उनकी तैनाती के दौरान जो मालखाने का माल गायब हुआ था। अब उसकी बरामदगी की गई है। बरामदगी के लिए पुलिस ने सोमवार को हयातनगर थाना क्षेत्र के गांव शकरपुर में छापा मारा।
निलंबित दरोगा के घर से ही मालखाने का माल और मुकदमों से संबंधित गाड़ियां बरामद की हैं। हयातनगर थाने में हेड मोहर्रिर के पद पर तैनात रहे देवेंद्र सिंह यादव पर आरोप था कि तैनाती के दौरान थाने के मालखाने का तमाम सामान गायब कर दिया। अगले हेड मोहर्रिर नवरत्न द्वारा चार्ज संभालने पर इसका खुलासा हुआ था।
पहला मामला तत्कालीन थानाध्यक्ष शैलेंद्र सिंह चौहान ने 13 मई 2017 को देवेंद्र सिंह यादव के खिलाफ दर्ज कराया था। जिसमें 9 एमएम की सरकारी पिस्टल और मालखाने का सामान जैसे कारतूस, बाडी प्रोटेक्टर, हेलमेट, मालखाने का पांच हजार रुपये का कैश गायब करने का आरोप लगा था। दूसरा मामला तब दर्ज हुआ था कि जबकि हयातनगर थाने में वर्ष 2013 से 2016 तक तैनाती के दौरान माल मुकदमों का मिलान किया गया।
इसमें सोने चांदी के जेवर समेत 28 वाहन गायब पाए गए थे। इस मामले में मौजूदा थाना प्रभारी नाथीराम पवार ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस बीच हेड मोहर्रिर पदोन्नत होकर दरोगा बन गए थे। साथ ही, निलंबित भी हो गए थे। पुलिस ने उनकी तलाश तब शुरू की जबकि थाना क्षेत्र की एक युवती ने दरोगा और उनके बेटे पर दुष्कर्म का आरोप लगाया। युवती ने गैंगरेप की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए निलंबित दरोगा को हाल ही में गिरफ्तार किया था।
शनिवार को अदालत ने दरोगा को जेल भेज दिया था। थानाध्यक्ष नाथीराम पवार ने सोमवार दोपहर में दरोगा के मकान पर छापा मारा। पुलिस ने थाने के मालखाने से गायब हुआ माल बरामद कर लिया। इसमें तमंचे, कारतूस, चार वाहन के अलावा अन्य सामान है।