आठ फरवरी से लापता बहजोई पुलिस लाइंस में तैनात कांस्टेबल सुनीत कुमार का शव सोमवार को गुन्नौर क्षेत्र में गंगा नदी मेंनरौरा पुल के समीप तैरता मिला। सूचना पर परिजन व पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए। प्रथम दृष्टया तो मामला आत्महत्या का बताया जाता है लेकिन वास्तविक स्थिति पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही ज्ञात हो सकेगी। पुलिस अफसरों के अनुसार वह पारिवारिक कारणों से परेशान था।
बिजनौर जिले के थाना अफजलगढ़ क्षेत्र के जयनगर गांव निवासी जगदीश प्रसाद का 28 वर्षीय कांस्टेबल पुत्र सुनीत कुमार 2011 में भर्ती हुआ था। 15 जनवरी-2015 को मुरादाबाद से उसे संभल जिले में तैनाती दी गई थी। तब से लेकर अब वह पुलिस लाइन बहजोई में ही रहा, किसी थाने आदि पर उसकी पोस्टिंग नहीं हो सकी। कुछ दिन पूर्व वह अपने घर गया था, वहां से लौटा तो काफी परेशान था। आठ फरवरी को पुलिस लाइन से लापता हो गया। उसकी गैरहाजिरी भी दर्ज की गई।
परिजनों ने बहजोई सकुशल पहुंचने को पूछने के लिए फोन करना चाहा तो उसके दोनों मोबाइल फोन स्वीच ऑफ आने लगे। बाइक भी नहीं मिली। तब से लेकर परिजन तलाश कर रहे थे। पिता जगदीश प्रसाद ने शनिवार की शाम को बहजोई थाने में सुनीत कुमार के लापता होने की तहरीर दी थी। सोमवार करीब एक बजे गुन्नौर कोतवाली क्षेत्र के गंगा नदी के नरौरा पुल के समीप एक शव पड़े होने की सूचना मिली। जिसकी शिनाख्त सुनीत कुमार के रूप में होने पर परिजनों को सूचना दी गई। परिजन व एएसपी कमलेश दीक्षित, सीओ प्रमोद कुमार, कोतवाली राजवीर सिंह यादव पहुंचे। शव को निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। उसकी बाइक नरौरी पुल के गार्ड के पास मिली है, उसे यह बाइक वहीं लावारिश खड़ी मिली थी।
पुलिस अधीक्षक अतुल सक्सेना ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का ही लगता है, सही जानकारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। कुछ दिन पहले ही सुनीत कुमार ने एक प्रार्थना पत्र दिया था, जिसमें अपने एक रिश्तेदार और पड़ोसी पर घर में अनावश्यक हस्तक्षेप करने का आरोप लगाते हुए मानसिक रूप से परेशान होने की बात लिखी थी। ऐसा लगता है कि सुनीत कुमार पारिवारिक कारणों की वजह से डिप्रेशन में था।