चंदौसी (संभल)। मासिक परीक्षा में कम अंक आने पर कक्षा तीन का आठ वर्षीय छात्र घर से चला गया। भैतरी फाटक पर घूमते समय बालक ने बिलारी से स्वयं के अपहरण की बात बताई। अपहरण की सूचना पर पुलिस में हड़कंप मच गया। कोतवाली लाकर पुलिस ने जानकारी की तो अपहरण की घटना झूठी निकली। पुलिस ने बिना कार्रवाई के ही बालक को परिजनों को सौंप दिया।
चंदौसी के एक मोहल्ला निवासी एक व्यक्ति का आठ वर्षीय बेटा नगर के एक स्कूल में कक्षा तीन में पढ़ता है। सोमवार की दोपहर करीब 12 बजे बालक चंदौसी में भैतरी फाटक के पास पैसे मांग रहा था तथा उसकी कमर पर स्कूल बैग टंगा था। एक स्थानीय निवासी ने बालक के पास स्कूल बैग होने पर उसे रोक लिया तथा पैसे मांगने का कारण पूछा। बालक ने बताया कि वह बिलारी में सुबह करीब आठ बजे ट्यूशन पढ़ने जा रहा था। कोचिंग सेंटर के पास वैन आकर रुकी और उसका अपहरण कर लिया। वैन में बैठे व्यक्ति ने उसे कुछ सुंघा कर बेहोश कर दिया।
इसके बाद दोपहर में करीब 12 बजे वह भैतरी फाटक के पास रेलवे की रेलिंग पर झुका हुआ पड़ा था। किसी व्यक्ति ने उसके चेहरे पर पानी डाला, तब जाकर उसे होश आया। बिलारी घर वापस जाना है, इसलिए पैसे मांग रहा था। स्थानीय व्यक्ति ने बालक को वहीं रोक दिया और पुलिस को घटना की सूचना दी। अपहरण की खबर से पुलिस में हड़कंप मच गया। एसएसआई रतनेश कुमार, सीकरी गेट चौकी इंचार्ज राजेंद्र सिंह अपहरण की सूचना पर तुरंत मौके पर पहुंचे। गाड़ी में बालक को बैठाकर कोतवाली ले आए। बैग में रखी कापी देखने पर टेस्ट में उसके नंबर जीरो मिले। इसके बाद पुलिस ने जानकारी की तो बालक के टेस्ट में नंबर जीरो आए थे। पिता की डांट से बचने के लिए अपहरण झूठी साजिश रची थी। पुलिस ने माता-पिता को भी कोतवाली बुलवा दिया। पिता ने बताया कि वह चंदौसी ही रहते हैं। बिलारी में उसके मामा हैं। सुबह से ही ट्यूशन के लिए गया था।
बालक चंदौसी का रहने वाला है। टेस्ट में जीरो नंबर थे, इस कारण पिता की डांट से बचने के लिए उसने अपहरण की झूठी साजिश रची थी। बालक परिजनों को सौंप दिया गया है।
देवेंद्र कुमार शर्मा, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली चंदौसी