बहजोई के गांव लहरावन निवासी कक्षा नौ के छात्र गौरव (16) पुत्र मटरू को सोमवार को ओवरलोड डंपर ने रौंद दिया। डंपर छात्र को करीब पांच सौ मीटर तक घसीटता चला गया। जिससे छात्र की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद आरोपी चालक ने भागने का प्रयास किया, लेकिन आसपास के लोगों ने उसे पकड़ लिया।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजने का प्रयास किया तो परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। करीब दो घंटे तक हंगामे के बाद परिजनों ने शव उठाने दिया। बहजोई थाना क्षेत्र के गांव लहरावन निवासी मटरू का बेटा गौरव गांव के ही इंटर कॉलेज में कक्षा नौ का छात्र था। सोमवार को गौरव बाइक से खेत पर जा रहा था।
इसी दौरान लहरावन-बिसारू मार्ग पर रेलवे क्रासिंग के निकट कच्चे रास्ते से गंगा एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए मिट्टी लेकर आ रहे डंपर ने उसकी बाइक में टक्कर मार दी। डंपर चालक छात्र और बाइक को घसीटता ले गया। जिससे छात्र ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटनास्थल से कुछ दूरी पर आरोपी चालक डंपर को छोड़कर भाग गया।
वहीं मिट्टी लेने आ रहे अन्य दो डंपरों के चालक भी मौके से भाग गए। सूचना पर मृतक के पिता, भाई राजकुमार के साथ अन्य परिजन और ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए। सूचना पर प्रभारी इंस्पेक्टर विद्युत गोयल पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिसकर्मी पोस्टमार्टम के लिए छात्र का शव उठाने लगे तो परिजनों के साथ ही ग्रामीणों ने हंगामा शुरू कर दिया।
हादसे की जानकारी मिलने के बाद घटनास्थल पर पहुंचे परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए। गुस्साए लोगों ने डंपर में ईंट-पत्थर मारकर तोड़फोड़ शुरू कर दी। तभी पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत किया। ग्रामीणों का आरोप है कि डंपर चालक तेजी से डंपर चलाते हैं। इससे पहले भी कई बार हादसे होने से बचे हैं।
परिजनों के शांत होने के बाद पुलिस छात्र के शव को वाहन से लेकर जाने लगी। इसी दौरान चालक ने वाहन को तेजी से चलाया तो परिजनों के साथ ग्रामीण दोबारा भड़क गए और रेलवे क्रासिंग के पास छात्र का शव उतारकर फिर से लिंक मार्ग की सड़क पर रख दिया और हंगामा करने लगे। करीब पंद्रह मिनट की मशक्कत के बाद पुलिस के समझाने पर परिजन व ग्रामीण माने और पुलिस पोस्टमार्टम के लिए छात्र का शव लेकर रवाना हो सकी।
हादसे के बाद मौके पर मौजूद ग्रामीणों का कहना था कि गंगा एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए मिट्टी ढोने के काम में लगे डंपर सड़क व कच्चे मार्गों पर तेजी से दौड़ते हैं। इससे हादसे का खतरा बना रहता है। वहीं इन डंपरों की वजह से मुख्य व लिंक मार्ग की सड़कें भी क्षतिग्रस्त हो रही हैं।
हादसे के बाद कार्रवाई को लेकर फोन करने के बाद परिजनों व ग्रामीणों ने काफी देर अपने-अपने संपर्क वाले जन प्रतिनिधियों का इंतजार किया। जब काफी देर तक घटनास्थल पर कोई नहीं आया। तब ग्रामीणों ने बुरा भला कहते हुए जन प्रतिनिधियों के प्रति गुस्सा जाहिर किया।
चालक ज्यादा फेरे लगाने के चक्कर में लापरवाही से डंपर चलाते हैं। इससे हादसे का खतरा रहता है और सड़कें भी खराब होती है। इसी लारवाही के चलते उनके बेटे की जान चली गई। इन पर कार्रवाई होनी चाहिए। -मटरू, मृतक के पिता