धनारी थाने के गढ़ा गांव निवासी और रघुनाथ संस्कृत महाविद्यालय में शास्त्री का छात्र मंगलवार को अपनी फीस जमा करने निकला था लेकिन महाविद्यालय नहीं पहुंचा। बुधवार को सुबह उसकी सिर कटी लाश धनारी रेलवे स्टेशन के पास ट्रैक पर पड़ी मिली।
जीआरपी भले ही इसे आत्महत्या बता रही हो लेकिन परिजन इसे हत्या करार दे रहे हैं, क्योंकि उसने आत्महत्या की होती तो उसका कटा हुआ सिर भी वहीं पड़ा होना चाहिए था। लेकिन उसका सिर अभी तक नहीं मिला है।
बुधवार की सुबह करीब छह बजे धनारी रेलवे स्टेशन के पास ट्रैक पर एक धड़ पड़ा देखा गया। जिसका सिर नहीं था। जब तक जीआरपी मौके पर पहुंचती, इसी बीच ट्रैक से माल गाड़ी भी गुजरी। देखने के लिए लोगों की भीड़ लग गई।
सूचना देने के करीब चार घंटे के बाद राजकीय रेलवे पुलिस चंदौसी से मौके पर पहुंची। तलाशी लेने पर मृतक के जेब एक पर्चा व मोबाइल फोन मिला। इसपर मृतक का नाम अंकित था। जीआरपी ने मृतक के ही मोबाइल फोन से उसके पिता को सूचना दी।
खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। उसकी शिनाख्त रामबाबू शर्मा (18) पुत्र मुनीश कुमार शर्मा निवासी गांव गढ़ा के रूप में की गई। हाथ पैर नहीं कटे थे, सिर्फ सिर ही कटा था, जो मौके पर मौजूद भी नहीं था।
परिजनों व जीआरपी ने ट्रैक पर काफी दूरी तक सिर की तलाश भी की लेकिन सिर कहीं नहीं मिला। जिससे परिजनों को आशंका हैकि उसकी हत्या कहीं अन्यत्र करने के बाद उसके धड़ को ट्रैक पर डाल दिया गया है। उसका सिर हत्यारे अपने साथ ले गए हैं या फिर कहीं और फेंक दिया गया होगा।
मृतक के पिता ने बताया कि राम बाबू शर्मा काफी खुश था, वह चंदौसी के रघुनाथ संस्कृत महाविद्यालय में शास्त्री की पढ़ाई कर रहा था। इसके साथ साथ एक निजी फर्म में काम भी करता था, जिससे उसका गुजारा होता था। मंगलवार की सुबह वह अपने कालेज की फीस जमा करने चंदौसी के लिए निकला था। लेकिन रास्ते से लापता हो गया। दिनभर न जाने कहां लापता रहा। परिजनों ने उसकी रातभर तलाश भी की लेकिन वह नहीं मिला। परिजनों का कहना हैकि उसकी हत्या की गई है। जीआरपी थानाध्यक्ष सुनील दत्त ने बताया कि राम बाबू ने आत्महत्या की है, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी यही बताया गया कि उसकी मौत ट्रेन के कटने से हुई है, कभी कभी सिर या धड़ ट्रेन के साथ ही लंबी दूरी तक चले जाते हैं, कभी कभी पशु भी उठा ले जाते हैं। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।