संभल में बिजली चोरी रोकने के लिए विभाग ने कमर कस ली है। गुरुवार से शहरी इलाके में सघन चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। सात टीमें चेकिंग करेंगी। बिजली चोरी पकड़े जाने पर संबंधित के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। अधिशासी अभियंता ने टीमों को निर्देश दे दिया है।
बिजली चोरी रोकने के लिए बिजली विभाग ने पहले भी अभियान चलाकर कार्रवाई की है। बावजूद इसके खर्च बिजली की तुलना में राजस्व प्राप्त नहीं हो रहा। आशंका है कि बिजली चोरी करके सरकार को चूना लगाया जा रहा है। अधिशासी अभियंता पंकज शर्मा ने बताया कि नवंबर महीने में संभल शहर में 41 मिलियन यूनिट बिजली खर्च हुई।
लगभग 20 करोड़ की बिजली खर्च हुई जबकि वसूली आठ करोड़ रुपये की हो सकी। बड़ी रकम की वसूली न होने की वजह बिजली चोरी और लाइन लास हो सकती है। उन्होंने बताया कि गुरुवार से शहर क्षेत्र में बिजली चोरी रोकने के लिए अभियान चलाया जाएगा।
बिजली चोरी मिलने पर संबंधित के खिलाफ कारवाई की जाएगी। इसके लिए सात टीमों का गठन किया गया है। दो टीमें मीटर को बदलने और नए मीटर लगवाने का काम करेंगे। अधिशासी अभियंता ने बताया कि नवंबर महीने में विभाग की टीमों ने 476 निरीक्षण किए गए थे।
83 स्थानों पर बिजली चोरी पकड़ी गई थी। शमन शुल्क जमा नहीं करने पर 47 मामलों में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। बावजूद इसके बिजली चोरी नहीं रुक रही। अब सघन अभियान चलाकर बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।