सय्यद फिरोजशाह किले की चाहरदीवारी का काम बंद हो गया है। पुरातत्व सर्वेक्षण के अधिकारियों ने संबंधित ठेकेदार को नोटिस जारी किया है। लेकिन इस प्रक्रिया में किले को संरक्षित करने की प्रक्रिया में बाधा पड़ गई है। मौजूदा स्थिति को देखकर नहीं लगता है कि काम मार्च 2018 तक पूरा हो सकेगा।
संभल जिले के फिरोजपुर में सय्यद फिरोजशाह का किला संरक्षण के अभाव में जर्जर अवस्था तक पहुंच गया है। किले को सजाने संवारने और संरक्षित करने के पहले कदम में इसके लिए चाहरदीवारी की स्वीकृति कराई गई है। इसके लिए 1.5 करोड़ रुपये की लागत से काम होना था। काम के लिए धनराशि मंजूर होने के बाद अनुबंध हो गया था। ठेकेदार ने काम भी शुरू किया लेकिन सिर्फ लाल पत्थर आए और थोड़ी सी नींव खुदी। अचानक ठेकेदार ने काम रोक दिया।
इसके चलते अब फिरोज शाह के किले को संरक्षित करने के काम में रोड़े लग गए हैं। मेरठ स्थित भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण कार्यालय में पुरातत्व सहायक के पद पर तैनात मुकेश कुमार ने बताया कि काम को पुरातत्व विभाग जल्दी से जल्दी पूरा कराना चाहता था लेकिन अनुबंधकर्ता ने लगातार देरी की। अब कुछ दिनों से काम बंद है। इस संबंध में अनुबंध कर्ता को नोटिस जारी किया गया है। अगर समय पर काम पूरा नहीं हुआ तो ठेकेदार की जमानत राशि जब्त हो सकती है. उसे ब्लैक लिस्ट भी किया जा सकता है। लेकिन इस संबंध में निर्णय उच्चाधिकारी ही लेंगे।