स्वच्छता सर्वेक्षण-2022 के परिणाम शनिवार को घोषित हो गए। देश में स्वच्छता सर्वेक्षण की सूची में एक लाख से दस लाख की आबादी वाली नगर पालिकाओं में संभल 238वें और चंदौसी 286वें स्थान पर है।
दोनों की रैकिंग में कुछ सुधार हुआ है। वहीं एक लाख से कम आबादी वाली पालिकाओं की सूची में बहजोई को 17 स्थान का नुकसान हुआ है और वह खिसक कर 170वें स्थान पर पहुंच गई है। कूड़ा निस्तारण की समस्या, जलनिकासी की समस्या, सड़कें के निर्माण की समस्या जस की तस बनी हुई है। इस कारण इनकी रैकिंग में ज्यादा सुधार नहीं हुआ है।
चंदौसी और संभल नगर पालिका एक लाख से दस लाख की आबादी की श्रेणी में आती हैं। देश/जोनल रैकिंग में संभल नगर पालिका 238वें स्थान पर है। वर्ष 2021 में संभल नगर पालिका 295 वें और चंदौसी 290वें स्थान पर थी।
बहजोई पालिका 17 स्थान नीचे खिसकी
बहजोई नगर पालिका 25 हजार से 50 हजार की आबादी वाली श्रेणी में आती है। स्वच्छता सर्वेक्षण-2022 में इस श्रेणी में बहजोई को नगर पालिका देश में 170 वें स्थान पर है। वर्ष 2021 की सूची में बहजोई इस श्रेणी में 153वें स्थान पर थी। रैकिंग में 17 स्थान पिछड़ गई है। इसका नगर क्षेत्र की पानी निकासी व कूड़ा निस्तारण की समस्या है।
चंदौसी नगर पालिका की यह रहीं प्रमुख समस्याएं
कूड़ा निस्तारण को बने ट्रंचिंग में सॉलिड वेस्टमेनेजमेंट सिस्टम का कार्य पूरा न होना, डोर-टू-डोर कूडा कलेक्शन का पूरी तरह से लागू न होना, बारिश में जलभराव की समस्या होना, कुछ नालों की नियमित सफाई न होना, जलनिगम द्वारा तोड़ी गई सड़कों की मरम्मत न होना, टूटी सड़कों का निर्माण न होना।
संभल नगर की रैकिंग में सुधार का कारण
डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन में सफलता, जगह-जगह पड़े रहने वाले कूड़े का समय से उठान, स्थान चिह्नित कर साफ सफाई कराना, जनसहयोग प्रमुख रहा। इसके अलावा अभी सुधार गुंजाइश बहुत है। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम को चालू कराना, टूटी सड़क, जलभराव की समस्या से निजात दिलाना है।
ट्रंचिंग ग्राउंड में सॉलिड वेस्टमेनेजमेंट सिस्टम लगाने कार्य चल रहा है। इसका पूरा न होना ही रैकिंग में सुधार न होने का प्रमुख कारण रहा है। डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन समेत अन्य समस्याएं को लेकर चूक रही है। इस बार प्रयास रहेगा कि चंदौसी नगर पालिका की रैकिंग में सुधार हो।
विजयपाल सिंह, अधिशासी अधिकारी, चंदौसी
स्वच्छता सर्वेक्षण की सूची में देश में 57 स्थान का सुधार हुआ है। इस बार सफाई पर विशेष ध्यान दिया गया था। आगे प्रयास रहेगा कि सॉलिड वेस्टमेनेजमेंट सिस्टम चालू हो, नाली में ओर अधिक सुधार हो, ताकि संभल नगर पालिका की रैकिंग मेें ओर अधिक सुधार हो।
रामपाल सिंह यादव, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका, संभल
स्वच्छता सर्वेक्षण रैकिंग में बबराला की बड़ी छलांग
संभल जिले में पांच नगर पंचायत हैं। सिरसी को छोड़कर सभी नगर पंचायत 25 हजार से कम आबादी वाली श्रेणी में आती हैं। सभी नगर पंचायत की स्वच्छता रैकिंग में बड़ा सुधार हुआ है। सबसे लंबी छलांग बबराला नगर पंचायत ने लगाई है। स्वच्छता सर्वेक्षण-2021 की सूची में बबराला नगर पंचायत नेशनल में 462वें स्थान पर थी। सर्वेक्षण-2022 की सूची में सीधे 368 स्थान की छलांग लगाकर 94वें स्थान पर आ गई है।