14 मई की रात पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने 11 ओवरलोड वाहन ईंटों से भरे पकड़े थे। इन वाहनों से उत्तराखंड के काशीपुर और रामनगर ईंटों की सप्लाई जा रही थी। फर्जी बिल बनाकर यह गिरोह दे रहा था और इसके बदले में 1500 रुपये से 2000 रुपये वसूल कर रहा था। राज्यकर विभाग की टीम ने 11 फर्मों की छानबीन की। इसमें बोगस फर्म सामने आईं। इसके अलावा जीएसटी चोरी का मामला सामने आया। अपर आयुक्त ग्रेड टू आरए सेठ ने बताया कि चार फर्म से जो लेनदेन किया गया था। उसके हिसाब से प्राथमिक जांच पड़ताल के बाद 13 लाख रुपये जमा करा लिए गए हैं। इसी तरह जो वाहन जीएसटी चोरी कर ईंट लेकर जा रहे थे। उन 11 वाहनों से 6.48 लाख रुपये जमा कराए हैं। बताया कि आगे की छानबीन जारी है। जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
फर्जी बिल और फर्म में गिरोह कर रहा था खेल, सभी का तय था कमीशन
- उत्तराखंड के लिए ईंट सप्लाई का काम कई वर्ष से संभल में चल रहा है। इसमें ज्यादातर सप्लाई फर्जी फर्म के फर्जी बिल के माध्यम से ही भेजी जाती थी। इसको पूरा गिरोह ऑपरेट कर रहा था। एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि इस गिरोह में सभी का कमीशन तय था। उसके अनुसार ही यह अवैध कमाई का बंटवारा कर रहे थे। बताया कि इस गिरोह का सरगना कपिल सिंघल है। जो 15 प्रतिशत कमीशन लेता था। जबकि अन्य की भी कमीशन अलग-अलग तय थीं। बताया कि सभी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसमें राज्यकर विभाग की टीम भी कार्रवाई कर रही है।
संभल में पहले भी पकड़ी जा चुकी हैं बोगस फर्में
- राज्यकर विभाग की टीम पिछले तीन वर्ष के दौरान संभल शहर में कई बोगस फर्में पकड़ी जा चुकी हैं। जिसमें करोड़ों रुपये का लेनदेन हुआ है। आईटीसी क्लेम करने के दौरान इन बोगस फर्म का खेल सामने आया। हालांकि राज्यकर विभाग की टीम जुर्माना वसूलने के साथ छानबीन के बाद कार्रवाई कर रही है। इसके बाद भी बोगस फर्म सामने आ रही हैं।
कोट
- चार फर्म और 11 वाहनों से जुर्माना वसूला गया है। इस मामले में कोतवाली संभल में रिपोर्ट भी दर्ज कराई जा चुकी है। आगे की जांच पड़ताल जारी है। जो भी गड़बड़ी सामने आएगी। उसके अनुसार कार्रवाई होगी।-आरए सेठ, अपर आयुक्तत ग्रेड टू, मुरादाबाद