चंदौसी। जिले की सीएचसी व पीएचसी पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से हेल्थ एटीएम मशीनें लगाई गई थीं। ताकि कम समय में मरीजों की बीपी शुगर, बीपी के अलावा अन्य कई जांचें हो सके। लेकिन टेक्नीशियन और इंस्टॉलेशन के अभाव में यह मशीनें सिर्फ शोपीस बनकर रह गई हैं। जो सिर्फ बीपी, वजन और लंबाई नापने के काम ही आ रही हैं। ऐसे में मरीज निजी पैथोलॉजी लैब पर जाने को मजबूर हो रहे हैं।
मरीज कम समय में अपनी बीमारी संबंधित जांचें आसानी से करवा सके। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने चंदौसी, गुन्नौर, जुनावई, धनारी व नरौली की सीएचसी व पीएचसी पर हेल्थ एटीएम मशीनें लगवाई थीं। जिनसे मरीजों की करीब 28 प्रकार की जांचे होनी थी, लेकिन टेक्नीशियन और इंस्टॉलेशन के अभाव में इन मशीनों से सिर्फ लंबाई, वजन, बीपी और और शुगर की ही जांच हो पा रही है। सीबीसी, ईसीजी, हिमोग्लोबिन, कॉलेस्ट्रॉल, टाइफाइड, यूरीन पैरामीटर आदि जांचें नहीं हो पा रही हैं। जिसके चलते मरीजों को निजी पैथोलॉजी लैब में जांच के लिए जाना पड़ रहा है। जहां उन्हें अतिरिक्त रुपये खर्च करने पड़ते हैं। आलम ये है कि किसी-किसी पीएचसी व सीएचसी पर ये मशीनें कमरे में बंद पड़ी है। सिर्फ अधिकारियों के निरीक्षण में ही स्वास्थ्य कर्मचारी इन मशीनों को संचालित करते मिलते हैं। इस संदर्भ में जब सीएमओ डॉ. तरुण पाठक से कई बार फोन पर संपर्क साधने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन नेटवर्क में नहीं बता रहा था।
बेसिक जांच ( हेल्थ स्कोर)- ऊंचाई, वजन, बीएमआई, बीएमआर, हाईड्रेशन, बॉडी मास, मसल्स, क्वालिटी स्काेर, शरीर में वसा का अनुपात, बोनमास, मेटाबॉलिक एज, मसल मास, डायस्टोलिक बीपी, सिस्टोलिक बीपी, शुगर, पल्स रेट, शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा व तापमान, हिमोग्लोबिन, शुगर, कॉलेस्ट्रॉल, टाइफाइड, गर्भावस्था जांच, डेंगू, मलेरिया, यूरीन पैरामीटर आदि शामिल हैं।