महज चार सालों में एक ही मोहल्ले में एक बीमारी से सात लोगों की मौत और तीस से अधिक पीड़ितों का मामला सेहत महकमे के लिए पहेली बन गया है। इसकी गुत्थी सुलझाने के लिए सेहत महकमे की स्थानीय टीम तीसरी बार सोमवार को हल्लूसराय पहुंची, मगर मोहल्ले के लोगों को लगातार पैरालाइसिस अटैक की वजह समझ में नहीं आई।
सीएमओ का कहना है कि, एक मोहल्ले में पहली बार एक बीमारी के इतने केस देखे हैं। इधर, सीएमओ ने केस हिस्ट्री के साथ पूरी रिपोर्ट मंडल के अपर स्वास्थ्य निदेशक और सूबे के सेहत महकमे के डीजी को रिपोर्ट भेज दी है। उनसे विशेषज्ञों की टीम भेजने की गुहार लगाई गई है।
फिलहाल सीएमओ ने अपनी रिपोर्ट में छह लोगों की पैरालाइसिस से मौत और 18 लोगों के पीड़ित होने की बात कही है। अब डीजी हेल्थ को निर्णय लेना है कि वह विशेषज्ञों की टीम कब भेजेंगे।
मोहल्ले में उल्टी दस्त से दमा तक के मरीज मिले
हल्लूसराय में सोमवार को डा. नीरज शर्मा, संदीप राणा, संदीप, घनश्याम आदि पहुंचे। चिकित्सकों को 15 लोग बुखार पीड़ित मिले, टीम ने उनके ब्लड सैंपल लेकर लेकर स्लाइड बनवाई, टीम को आशंका है कि मलेरिया हो सकता है, रिपोर्ट मंगलवार को आएगी।
अगर मलेरिया पाजिटिव हुआ तो दवा दी जाएगी। इस दौरान कुल 212 मरीजों का परीक्षण किया गया। डा. नीरज शर्मा ने बताया कि ब्लड प्रेशर, बुखार, दमा, उल्टी-दस्त के पीड़ित मिले। मरीजों को लक्षणों के हिसाब से दवा दी गई है।
स्थानीय जांच में पता नहीं चला कि, क्यों हो रहा है अटैक
सीएमओ डा. राजवीर सिंह ने बताया कि उन्होंने डाक्टरों की दो टीमों को भेजा है। दोनों टीमों ने अपनी रिपोर्ट में 6 लोगों की मौत और 18 बीमारों का जिक्र किया है। सभी को पैरालाइसिस हुआ था। पैरालाइसिस क्यों हुआ? इस बात के बारे में छानबीन होना जरूरी है। कारण स्पष्ट होने पर बीमारी का निदान हो सकेगा।
इसके लिए अगर विशेषज्ञ दल डीजी हेल्थ भेजते हैं तो हो सकता है कि कोई नई बात सामने आए। स्थानीय स्तर पर अब तक जो जांच हुई है, उसमें बीमारी की वजह साफ नहीं हुई है। इसीलिए लक्षणों के आधार पर उपचार हो रहा है। पैरालाइसिस अटैक को रोकने का कोई इंतजाम नहहीं हुआ। सीएमओ के मुताबिक संभल का हल्लू सराय एक ऐसा मोहल्ला है जहां पर बड़ी संख्या में पैरालाइसिस पीड़ित सामने आए हैं।
एक मोहल्ले में पैरालाइससेस अटैक के इतने केस कभी नहीं देखे: सीएमओ
सीएमओ डा. राजवीर सिंह ने कहा कि किसी एक मोहल्ले में पैरालाइसिस अटैक के इतने केस एक साथ कहीं देखे। उनका कहना है कि कोई तो वजह है जिसके चलते एक मोहल्ले में लगातार तीन वर्ष से पैरालासिस के केस आ रहे हैं। इस मामले में गहन जांच पड़ताल जरूरी है।