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खुदाई से दिखने लगी है सोत नदी की तस्वीर, अब पानी आने का है इंतजार

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संभल। सोत नदी की खदाई में 15 जून से जेसीबी और मनरेगा मजदूर लगे हुए हैं। मातीपुर से खुदाई का काम शुरू हुआ था जो अब दिखने लगा है। मंडलाई, दुगावर, मातीपुर और संभल के मनोटा तथा फिरोजपुर में नदी अपना आकार लेती दिखाई दे रही है। किसानों और आसपास के लोगों को कहना है कि अगर एक बार नदी में पानी आ गया तो जनता का लाभ होगा। जल स्तर सुधरेगा। जल विशेषज्ञ भी इस बात को मान रहे हैं।
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उनका है कि सोत नदी पचास वर्ष पहले तक पूरे वेग से बहा करती थी लेकिन धीरे-धीरे नदी की जमीन पर अवैध कब्जे हुए और प्रवाह में ऐसा बदलाव हुआ कि नदी विलुप्त हो गई। अमर उजाला ने कहां गए जल स्रोत शीर्षक से खबरों की एक श्रंखला प्रकाशित की। इसके बाद जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह ने संज्ञान लिया। नदी की खुदाई कराने के लिए 14 जून को उन्होंने बैठक की और उसके बाद 15 जून से सोत नदी की खुदाई का शुभारंभ मातीपुर में किया गया। इसके बाद संभल के उप जिलाधिकारी दीपेंद्र यादव ने सोत नदी पुनर्जीवन और विकास समिति का गठन किया। गठन के साथ जनता का जुड़ाव बढ़ा और संभल तहसील के सभी जेसीबी संचालक भी खुदाई के अभियान में अपनी मशीनें लगाने को राजी हो गए।
नतीजा यह हुआ कि अब तक नदी की करीब आठ किलोमीटर खुदाई हो चुकी है। जिन लोगों के अवैध कब्जे नदी की जमीन पर थे उन्हें लगातार हटवाया जा रहा है। अगर नदी में पानी आ गया तो आसपास के गांवों में जल स्तर सुधरेगा और किसानों को सिंचाईं में लाभ मिलेगा।
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उप जिलाधिकारी दीपेंद्र यादव ने बताया कि तहसील के संपूर्ण समाधान दिवस के बाद दोपहर 12 बजे से तहसील के सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बैठक होगी। बैठक में ग्राम पंचाचत सचिव, राजस्व निरीक्षक, लेखपाल, ग्राम प्रधान भाग लेंगेे। बैठक में नदी की अब तक की खुदाई के बारे में समीक्षा होगी। अभियान को रफ्तार देने पर विचार विमर्श किया जाएगा। ताकि बारिश से पहले ही पूरी खुदाई हो जाए और नदी एक बार फिर कल-कल बहने लगे।
एनसीसी कैडेट्स ने किया श्रमदान
संभल। नदी की खुदाई में श्रमदान शुरू हो गया। एनसीसी कैडेट्स ने श्रमदान किया है। वहीं विद्यालयों से भी श्रमदान की तैयारी चल रही है। डिग्री कालेजों की एनएसएस इकाइयों के स्वयं सेवक भी भाग लेगें। एमजीएम कालेज के प्राचार्य आबिद हुसैन हैदरी और प्रबंध समिति के सह सचिव संजय अग्रवाल ने कहा कि जिला प्रशासन ने नदी को जीवित करने की मुहिम में जो उत्साह दिखाया है वह सराहनीय है। कालेज भी इसमें योगदान करेगा। संभल के वरिष्ठ अधिवक्ता माधव मिश्रा ने कहा कि अमर उजाला ने बड़ी शिद्दत से कहां गए जल स्रोत श्रंखला को अखबार में प्रकाशित किया तो, उसी के नतीजा है कि प्रशासन जुट गया और आम लोग भी मुहिम को अपना मानकर जुड़ रहे हैं।
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