आजादी के अमृत महोत्सव पर परिषदीय विद्यालयों में कराए गए विशेष भोजन के पहले दिन ही व्यवस्था गड़बड़ा गई। कई जगह हलवा मिला तो कहीं खीर खिलाई। वहीं कई विद्यालयों के बच्चों को रोटी सब्जी ही दी गई।
बृहस्पतिवार को विशेष भोजन की पड़ताल के लिए अमर उजाला की टीम ने अलग-अलग विद्यालयों में पहुंचकर जानकारी ली। इस दौरान सामने आया कि कहीं हलवा बच्चों केे लिए बनाया गया है। तो कहीं खीर। कई जगह बच्चों को रोटी-सब्जी ही दी गई। आजादी का अमृत महोत्सव के तहत परिषदीय विद्यालयों में 11 से 17 अगस्त तक मीड-डे मील में विशेष भोजन देने के शासन ने निर्देश दिए हैं। इस विशेष भोजन में हलवा, लड्डू, खीर, बूंदी और फल आदि का वितरण किया जाना है। इसी के तहत विद्यालयों में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाने हैं।
सुबह 10.30 बजे
रजपुरा ब्लॉक क्षेत्र के गांव रजावली स्थित प्राथमिक विद्यालय में मीड-डे मील के अलावा खीर बनाई गई। यह विशेष भोजन में शामिल हुई। गवां के प्राचीन प्राथमिक में भी खीर बनाई गई थी।
12.05 बजे
पवांसा के जूनियर हाईस्कूल में सामान्य दिनों की तरह ही मीड-डे मील बनाया गया था जिसमें सब्जी रोटी की व्यवस्था थी। विशेष भोजन की व्यवस्था नहीं की गई थी। इस बारे में विद्यालय में मौजूद शिक्षकों ने भी जवाब नहीं दिया। यह विद्यालय एबीएसए कार्यालय में स्थित है।
12.15 बजे
गांव किसौली के उच्च प्राथमिक विद्यालय में भी मीड-डे मील के दौरान विशेष भोजन की व्यवस्था नहीं की गई। प्रधानाध्यापक नीता सिंह ने बताया कि रक्षाबंधन के चलते चार ही बच्चे विद्यालय आए हैं। इसलिए विशेष भोजन की व्यवस्था नहीं की है। केवल सामान्य भोजन ही दिया गया है।
12.25 बजे
गांव धुरैटा स्थित कंपोजिट विद्यालय में सामान्य दिनों की तरह मीड-डे मील बनाया गया। विशेष भोजन में कुछ नहीं बना। प्रधानाध्यापक लोक सिंह ने बताया कि बारिश के चलते सामान नहीं आ सका। इसलिए हलवा नहीं बन सका।
12.35 बजे
गांव बबैना में स्थित कंपोजिट विद्यालय में मीड-डे मील के दौरान विशेष भोजन में हलवा बनाया गया था जिसे बच्चों ने खूब आनंद लेते हुए खाया।