संभल। पवांसा ब्लॉक के गांव मुजफ्फरपुर में मनरेगा मजदूरी में घपलेबाजी की जा रही है। बिना कार्य किए ही मजदूरी चढ़ रही है। इसके अलावा फोटो अपलोड करने और नाम दर्ज करने में भी खेल कर दिया गया है। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि मनरेगा के तहत कार्य काफी समय से नहीं हुआ है लेकिन रिकॉर्ड में काम चल रहा है। इसके अलावा ग्रामीणों ने बताया कि जिन लोगों के फोटो अपलोड किए गए हैं वह गांव मुजफ्फरपुर के हैं और जिन लोगों के नाम लिखे गए हैं वह गांव बबैना के हैं। ऐसे दो फोटो सामने आए हैं जिसमें तिथि तो अलग है लेकिन मॉडल शॉप का निर्माण जस के तस दिखाई पड़ रहा है। इसके अलावा एक दिव्यांग और दाढ़ी वाला कुर्ता पजामा पहना शख्स भी दिख रहा है। जिसका नाम जाहिरी तौर पर कोई मुस्लिम होना चाहिए लेकिन फोटो तो है लेकिन नाम सभी हिंदू हैं।
गांव मुजफ्फरपुर में मॉडल शॉप का निर्माण काफी समय से चल रहा है। दीवारें लगभग खड़ी कर दी गई हैं। इसमें पांच लाख रुपये से ज्यादा खर्च किए जाने हैं। इस मॉडल शॉप के निर्माण में मनरेगा मजदूर भी मुजफ्फरपुर के ही लगने थे लेकिन मजदूर गांव बबैना से बुलाकर काम कराया गया। अब वह मजदूर भी काम नहीं कर रहे बल्कि हाजिरी गांव मुजफ्फरपुर के लोगों के फोटो से लग रही है और नाम उनका चल रहा है। मतलब काम किया हो नहीं रहा और रिकॉर्ड में काम चल रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि 15 अक्तूबर से छह नवंबर तक मॉडल शॉप पर कोई काम नहीं हुआ है। जबकि भुगतान 15 से 28 अक्तूबर तक का हो चुका है। 28 अक्तूबर के बाद भी कोई कार्य नहीं किया गया है लेकिन हाजिरी 4, 5 और 6 नवंबर की लगाई गई है। इसमें घपलेबाजी यह हो रही है कि फोटो गांव मुजफ्फरपुर के लोगों के अपलोड हो रहे हैं और नाम बबैना के लोगों का दर्ज किया जा रहा है। जिन लोगों के नाम दर्ज हैं उनके ही खाते में मजदूरी भेजी जा रही है।
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फोटो में दिख रहे लोगों के नाम
ग्रामीणों ने बताया कि 15 अक्तूबर की हाजिरी में जो फोटो अपलोड किया गया है उसमें गांव मुजफ्फरपुर निवासी दिव्यांग गजेंद्र, अबरार, हरपाल और हशरत अली शामिल हैं। जबकि हाजिरी में नाम मलखान, नरेंद्र, महेंद्र सिंह और भगवानदास का दर्ज है। ग्रामीणों का दावा है कि यह नाम वाले सभी लोग गांव बबैना के रहने वाले हैं। इसी तरह दूसरा फोटो चार नवंबर की हाजिरी में अपलोड किया गया है। इसमें फोटो के लोग अलग हैं और नाम अलग दर्ज हैं। हालांकि इसमें दिव्यांग गजेंद्र दिख रहा है। जो पहले फोटो में भी शामिल था।
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कोट
मॉडल शॉप का निर्माण लिंटर स्तर तक चल रहा है लेकिन बृहस्पतिवार और उससे पहले दिनों में कोई कार्य नहीं किया गया है। काम कब हुआ था इसकी भी जानकारी नहीं है। हम भी मनरेगा मजदूर हैं लेकिन हमें कोई काम नहीं मिल रहा है।
अंकित कुमार, मनरेगा मजदूर, गांव मुजफ्फरपुर।
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कोट
बृहस्पतिवार को मॉडल शॉप पर कोई काम नहीं किया गया है। हमारे गांव के किसी मजदूर को भी इसमें नहीं लगाया गया है। हम खुद मनरेगा मजदूर हैं। काम का इंतजार कर रहे हैं।
महेन्द्र, मनरेगा मजदूर, गांव मुजफ्फरपुर।
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कोट
गांव मुजफ्फरपुर में मनरेगा योजना के अंतर्गत राशन मॉडल शॉप निर्माण हो रहा है। बृहस्पतिवार को कार्य हुआ या नहीं हुआ और ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज हुई है या नहीं। इसकी जानकारी करते हैं। यदि बिना कार्य किए उपस्थिति दर्ज पाई जाती है तो कार्रवाई की जाएगी।
-रामआशीष, डीडीओ, संभल
मॉडल शॉप निर्माण में मनरेगा मजदूरों की हाजिरी के लिए फोटो में दिखने वाले लोग अलग हैं जबकि नाम द