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Sambhal News: कोई बेटे तो पिता का शव देख बिलख उठा

Tue, 17 Sep 2024 05:24 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
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रजपुरा (संभल)। गांव भोपतपुर उर्फ पक्के की मढ़ैया में सोमवार की सुबह कुछ लोग फसलों की रखवाली करके आए तो कुछ घरों से जाकर सड़क के किनारे बैठकर बात करने लगे। किसी का क्या पता था कि कुछ ही देर में मौत के रूप में पिकअप आने वाली है। हादसे के बाद घटनास्थल का मंजर देखकर लोगों की रूह कांप उठी। कोई पिता तो कोई बेटे का शव देखकर बिलख पड़ा। चारों ओर चीत्कार ही चीत्कार सुनाई दे रही थी।
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सड़क हादसे में जान गंवाने वाले ओमपाल और धारा सिंह उर्फ धारामल रिश्ते में चचेरे-तहेरे भाई थे। जबकि पूरन, लीलाधर और जमुना सिंह एक ही परिवार के थे। दो परिवारों के पांच लोगों की मौत से कोहराम मचा है। जमुना सिंह के सगे भाई गंगाप्रसाद और परिवार के ओमप्रकाश, निरंजन और उसका दो वर्षीय बेटा अवधेश जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। पांच लोगों की मौत से गांव में मातम पसरा है। पोस्टमार्टम के बाद शाम को ओमपाल, धारा सिंह उर्फ धारामल, पूरन, लीलाधर का शव गांव पहुंचा तो हर आंख नम हो गई। एहतियाती तौर पर पुलिस फोर्स गांव में तैनात रही। गांव से कुछ दूर स्थित गंगा किनारे चारों शवों का अंतिम संस्कार कर दिया। जमुना सिंह का शव देर रात गांव पहुंच सका। इसके बाद अंतिम संस्कार किया गया।
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चश्मदीद बोले- दिल दहलाने वाले था मंजर
सभी लोग सड़क पर बैठे थे। इसी दौरान गवां की ओर से तेज रफ्तार पिकअप आई और धूल का बड़ा गुबार से उठता दिखाई दिया। अगले ही पल चीख पुकार मच गई। मौके पर पहुंचे तो सभी तड़प रहे थे। यह मंजर गांव निवासी फतेह सिंह ने देखा। बताते हुए भावुक हो गए और कहा कि गांव के लोग तो अक्सर सड़क किनारे बैठ जाते हैं। छुट्टा पशुओं से सभी परेशान हैं। कुछ लोग अपने खेतों की रखवाली करने के लिए आते हैं और कुछ लोग उनके साथ समय बीताने के लिए। सोमवार की सुबह इतनी मनहूस निकलेगी यह किसी ने नहीं सोचा होगा। एक ही झटके में पांच लोगों की जान चली गई। फतेह सिंह ने बताया कि जब लोगों को पिकअप ने रौंद दिया तो वह सड़क से उतरकर झाड़ियों में जा फंसी। इसके बाद तो सभी लोग उपचार के लिए दौड़ रहे थे।
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जाम में गूंजी मुआवजे की मांग
हादसे की सूचना जिसको मिली वह दौड़ता हुआ मौके पर पहुंच गया। काफी महिलाएं भी एकत्र हो गईं। इस दौरान सभी ने मांग करते हुए कहा कि जिनकी जान चली गई है उनको मुआवजा दिया जाए और जो घायल हैं उनका अच्छा उपचार कराया जाए। इस मांग को लेकर ही अनूपशहर-गवां मार्ग पर जाम लगा दिया। मौके पर एएसपी अनुकृति शर्मा फोर्स के साथ पहुंची और जाम लगा रहे लोगों को समझाने का प्रयास किया। सुबह नौ बजे ग्रामीण आश्वासन पर माने। इसके बाद डीएम और एसपी के सामने भी यही मांग रखी। डीएम ने आश्वासन दिया तो वह मार्ग से हट गए। जिसके बाद यातायात सुचारू हो सका।
एक साथ निकलीं चार अर्थी, नहीं जले चूल्हे
हादसे की सूचना जिसको मिली वह गमगीन हो गया। गांव के ज्यादातर घरों चूूल्हा नहीं जला। शाम को चार शवों को श्मशान घाट ले जाया गया। इस दौरान दूसरे गांव के लोग भी सांत्वना देने के लिए पहुंच गए। गांव में पांच लोगों की मौत हुई है लेकिन चार शव शाम तक गांव पहुंच गए थे जिनका एक साथ अंतिम संस्कार किया गया है। जमुना सिंह का शव देर रात में गांव पहुंचा।
मजूदरीपेशा और छोटे किसान थे जान गंवाने वाले सभी लोग

मृतक ओमपाल अपने पीछे पत्नी मोहरश्री और पांच बच्चों को छोड़ गए हैं। सभी का रो रोकर बुरा हाल है। ओमपाल के नाम जमीन नहीं है वह मजदूरी कर परिवार की गुजर कर रहा था। मृतक धारा सिंह अपने पीछे पत्नी रूपवती और पांच बच्चों को छोड़ गए हैं। इनके पास भी जमीन नहीं थी और मजदूरी कर ही परिवार की गुजर कर रहे थे। मृतक लीलाधर अपने पीछे पत्नी चंद्रवती और दो बेटों को छोड़ गए हैं। लीलाधर छोटे किसान थे और वह अपनी खेतीबाड़ी से ही परिवार की गुजर कर रहे थे। मृतक पूरन अपने पीछे पत्नी रामश्री और चार बच्चों को छोड़ गए हैं। इनकी गुजर का जरिया भी मजदूरी था। जमुना सिंह अपने पीछे पत्नी चंद्रकली और एक बेटी और पांच बेटों को छोड़ गए हैं। यह परिवार की गुजर खेतीबाड़ी से करते थे।

वर्जन
-पीड़ित परिवारों से मुलाकात की है। हर संभव मदद का आश्वासन दिया गया है। घायलों का उपचार कराया जा रहा है। आगे की कार्रवाई जारी है। -डॉ. राजेंद्र पैंसिया, डीएम, संभल
-हादसे में पांच लोगाें की जान गई है। चार लोग घायल हैं। घायलों का बेहतर उपचार कराया जा रहा है। आरोपी चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है। तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। -कृष्ण कुमार, एसपी, संभल
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