संभल। संभल की जामा मस्जिद ऐतिहासिक है। अचानक सर्वे से सभी अचंभित हैं। न्यायालय का आदेश था तो मस्जिद कमेटी और आम लोगों ने शांतिपूर्ण तरीके से सर्वे कराया है। सर्वे के दौरान किसी तरह की कोई कमी नहीं मिली है। यह मस्जिद है और मस्जिद ही रहेगी। यह कहना है संभल के सांसद जियाउर्रहमान बर्क का।
उन्होंने आगे कहा कि देश और प्रदेश में कुछ लोग माहौल खराब करना चाहते हैं। इसलिए ही संभल जामा मस्जिद को लेकर बाहरी लोगों ने न्यायालय में दावा पेश किया है। इसकी हम निंदा करते हैं। धर्मस्थलों को लेकर जो कानून है उसका भी पालन नहीं किया जा रहा है।
विधायक नहीं उनके बेटे मस्जिद पहुंचे
शहर विधायक इकबाल महमूद मस्जिद के सर्वे के दौरान नहीं पहुंचे लेकिन उनके बेटे सुहेल इकबाल पहुंचे। सुहेल इकबाल ने बताया कि सर्वे के दौरान शामिल रहे। मस्जिद में अधिवक्ता आयुक्त ने अपना सर्वे किया है लेकिन ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला है जिससे उनका दावा सही साबित हो। यह दावा पूरी तरह बेबुनियाद है।
मुगल काल के दौरान मस्जिद निर्माण का दावा
संभल की शाही जामा मस्जिद का निर्माण मुगलकाल के दौरान वर्ष 1528 का बताया जाता है। यही दावा हरिहर मंदिर का दावा करने वाले वादकारियों ने किया है। इसी को आधार बनाकर न्यायालय में दावा पेश किया है। जिसका अब सर्वे शुरू हो गया है। हालांकि पहले दिन के सर्वे के बाद वादकारियों ने कोई जानकारी नहीं दी है।
महंत ऋषिराज गिरि को नहीं जाने दिया मस्जिद के अंदर
सर्वे करने के लिए पहुंचे अधिवक्ता आयुक्त के साथ अधिकारी व अधिवक्ताओं को मस्जिद में प्रवेश करने दिया गया लेकिन मस्जिद कमेटी के सदस्यों ने महंत ऋषिराज गिरि के प्रवेश पर आपत्ति की। इस पर अधिकारियों ने महंत को कोतवाली के लिए भेज दिया।
सात बजे से पहले ही बंद हो गया मुख्य बाजार
नगर का बाजार आमतौर पर रात 10 बजे तक खुलता है। लेकिन मंगलवार की शाम जैसे ही मस्जिद के सर्वे की जानकारी दुकानदारों को हुई तो दुकानदारों को किसी अनहोनी का डर सताने लगा। इस लिहाज से पूरा बाजार सात बजे से पहले ही बंद हो गया।
वर्जन
-न्यायालय के आदेश पर सर्वे के लिए अधिवक्ता आयुक्त आए थे। इसी क्रम में सर्वे हुआ है। आगे जो भी न्यायालय का आदेश होगा उसके अनुसार सहयोग किया जाएगा। -डॉ. राजेंद्र पैंसिया, डीएम, संभल
-सुरक्षा और व्यवस्था के लिहाज से पुलिस फोर्स मुस्तैद रही। शांतिपूर्ण तरीके से पहले दिन सर्वे हुआ है। आगे जो भी न्यायालय के निर्देश होंगे उसके अनुसार सहयोग किया जाएगा। -कृष्ण कुमार विश्नोई, एसपी, संभल
-जामा मस्जिद का सर्वे करने के लिए अचानक से अधिवक्ता आयुक्त आए थे। उन्हें पूरी मस्जिद का सर्वे कराया गया है। उन्होंने फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी की है। दावा पूरी तरह बेबुनियाद है। चुनावी एजेंडा है और इससे ज्यादा कुछ नहीं। -जफर अली एडवोकेट, सदर, शाही जामा मस्जिद, संभल।