किसी बेरहम ने नवजात शिशु को मिट्टी में दबाया
संभल। जाको राखे साइयां, मार सके न कोय दोहा संभल के नखासा थाना क्षेत्र के गांव मन्नीखेड़ा में चरितार्थ हो गया। नवजात शिशु की जान लेने के इरादे से सरसो की फसल में गड्ढा खोदकर मिट्टी में दबा दिया गया। लेकिन जब उसके रोने की आवाज दूर तक पहुंची तो खेल रहे बच्चों ने सुन ली। इसके बाद बच्चों ने शोर मचा दिया। बच्चों का शोर सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने नवजात शिशु को मिट्टी से बाहर निकाला। इसके बाद पुलिस को सूचना दी और जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उपचार चल रहा है। जिला अस्पताल के चिकित्सक का कहना है कि नवजात शिशु की सेहत ठीक है। वह खतरे से बाहर है।रविवार की शाम गांव मन्नीखेड़ा में कुछ बच्चे खेल रहे थे। इस दौरान उन्होंने गांव निवासी मनोज सैनी के सरसो के खेत से नवजात शिशु के रोने की आवाज सुनी। बच्चों ने करीब जाकर देखा नवजात शिशु मिट्टी में दबा हुआ था। बच्चों ने शोर मचाया तो आसपास के लोग पहुंच गए। आनन-फानन में नवजात शिशु को मिट्टी से बाहर निकाला गया। थाना प्रभारी ने बताया कि नवजात को गड्ढा खोदकर दबाया गया था। एक टांग और चेहरे का कुछ हिस्सा खुला हुआ था। रोने की आवाज से बच्चों ने देखा और बाद में ग्रामीणों ने बाहर निकाल लिया। बताया कि गनीमत रही कि किसी जंगली जानवर ने नहीं देखा। पुलिस का मानना है कि नवजात शिशु को शाम के समय ही दबाया गया था। पुलिस इस मामले में छानबीन करने में लग गई है। जिला अस्पताल के इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक डॉ. अजफर कमाल ने बताया कि नवजात शिशु की आंख और नाक में मिट्टी थी उसको साफ कर दिया है। उपचार किया जा रहा है। हालत पूरी तरह ठीक है।