बहजोई। नगर के बड़ा मैदान पर चल रहे संभल कल्कि महोत्सव के छठवें दिन पत्रकार सम्मेलन का आयोजन किया गया। बृहस्पतिवार को शाम करीब साढ़े चार बजे पत्रकार सम्मेलन की शुरुआत मुख्य अतिथि व राज्य सूचना आयुक्त राजेंद्र सिंह समेत वरिष्ठ पत्रकार नवल कांत सिन्हा, राजीव श्रीवास्तव, मनीष मिश्रा व डीएम डॉ. राजेंद्र पैन्सिया ने मां शारदे की प्रतिमा के सामने दीप जलाकर की। बाद में अतिथियों का स्वागत किया गया। इसके बाद मुख्य अतिथि ने पत्रकारिता के विभिन्न आयामों पर चर्चा संचार क्रांति व सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर विशेष फोकस किया। उन्होंने कहा कि पहले व आज के समय में बहुत बड़ा अंतर आ गया है। पहले एक दूसरे को संपर्क करने के लिए चिट्ठी लिखी जाती थी। इसके बाद नीला पोस्टकार्ड चला। पहले मोबाइल व इंटरनेट नहीं था। नई सदी में बच्चों का जन्म हुआ तो यह संचार क्रांति तथा सोशल मीडिया का दौर आया। संचार क्रांति ने पत्रकारिता के सभी आयाम बदल दिए थे।
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उन्होंने कहा कि 1826 में पहला हिंदी अखबार कलकत्ता में छपा था। साढ़े आठ सौ करोड़ की आबादी में करीब 60 प्रतिशत लोग अर्थात साढ़े पांच सौ करोड़ लोग सोशल मीडिया पर हैं। अब सभी अखबार भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर हैं। वहीं, मुख्य अतिथि ने विद्यार्थियों को फोकस करते हुए कहा कि सोचो, समझो। बदलते हुए आयाम को देखो। अपनी निजता बचाएं रखें। अपना सभी डेटा सोशल मीडिया पर मत डालो। कृपया ध्यान रखें। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जितना लाभदायक है, उतना ही घातक है। उन्होंने छुरी का उदाहरण देते हुए कहा कि छुरी यदि सर्जन के हाथ में हो, तो जान बचाती है और बदमाश के हाथ में हो, तो जान ले लेती है। सोने से एक घंटा पहले तक मोबाइल मत देखो। यदि देखना जरूरी है, तो सकारात्मक विषय पर देखो। समय आपका है। बदलते दौर में आगे बढ़ें।
मुख्य अतिथि ने पत्रकारिता को लेकर कहा कि मीडिया में सकारात्मकता जरूरी है। पत्रकारिता करते समय हम ऐसा तथ्य दें, जो समाज के हित में लाभदायक हो। सोशल मीडिया का सबसे बड़ा आयाम है, जो पत्रकारिता को छलनी कर रहा है। वह है फेंक न्यूज। छपी हुई चीजें, इतिहास बनाती हैं। इनको पचास साल बाद तक भी देखा जा सकता है। बदलने को तैयार रहें। नया सीखो, आगे बढ़ो। इस बीच वरिष्ठ पत्रकार नवलकांत सिंहा ने कहा कि अपने पंसद के विषय पर पढ़ें व लिखें। कहीं इंटरव्यू पर जाएं, तो बताएं कि आप फेसबुक, यू टयूब आदि पर लिखते हैं। आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस को अपना शस्त्र बनाएं। इस बीच वरिष्ठ पत्रकार राजीव श्रीवास्तव व मनीष मिश्रा ने भी संबोधित किया। संचालन शिक्षक व कवि डॉ. सौरभकांत शर्मा ने किया। सीडीओ गोरखनाथ भट्ट समेत अन्य अधिकारी आदि रहे।