जिले में संचालित दस कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में से नौ में स्मार्ट क्लासेस का संचालन किया जा रहा है। एक विद्यालय में अभी संचालन होना बाकी है।
अब जिला बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से कंप्यूटर लैब भी स्थापित कराने की तैयारी है। जिससे बालिकाओं के ज्ञान को बढ़ाया जा सके और शिक्षा के स्तर में सुधार हो सके।
जिलाधिकारी मनीष बंसल ने इस व्यवस्था को दुरुस्त कराया है। गांव खिरनी में स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की बिल्डिंग गंगा एक्सप्रेसवे में आ गई है। इसलिए वह विद्यालय दूसरी जगह स्थापित किया जाना है। इसी प्रक्रिया के फेर में अभी विद्यालय में स्मार्ट क्लास शुरू नहीं हुई है।
जीके, विज्ञान और इतिहास को समझ रहीं बालिकाएं
संभल। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी चंद्रशेखर ने बताया कि स्मार्ट क्लासेस शुरू होने के बाद से ही बालिकाओं में बदलाव नजर आ रहा है। मुख्य कोर्स के अलावा वह अन्य जानकारी में भी काफी रुचि ले रही हैं। सिस्टम में 6000 वीडियो हैं। इसमें जीके, विज्ञान, इतिहास और अन्य कई विषयों की जानकारी है। शिक्षिकाओं को इसके लिए ट्रेनिंग दी जा चुकी है।
कंप्यूटर लैब 15 दिन में कराएंगे स्थापित
संभल। स्मार्ट क्लासेस के बाद अब कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में कंप्यूटर लैब स्थापित की जानी हैं। इसकी तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है। प्रत्येक विद्यालय में छह कंप्यूटर लगाए जाएंगे। जिससे बालिकाओं को कंप्यूटर का भी ज्ञान मिल सके। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि कंप्यूटर लैब 15 दिन में स्थापित करा दी जाएंगी। प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली गई हैं।
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में जो बदलाव हुए हैं। उसका असर बालिकाओं में देखने को मिल रहा है। इससे शिक्षा के स्तर में सुधार आ रहा है। कंप्यूटर लैब बालिकाओं के लिए बड़ी मददगार साबित होगी।
चंद्रशेखर, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, संभल
बालिकाएं स्मार्ट क्लास में नया सीख रही हैं। इससे शिक्षा का स्तर भी सुधरेगा और बालिकाओं का ज्ञान भी बढ़ेगा। जिले के नौ कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में स्मार्ट क्लास शुरू हो गई हैं।
मनीष बंसल, डीएम, संभल