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मुकद्दस रमजान के दूसरे जुमे पर छोटी पड़ीं मस्जिदें

Sat, 26 May 2018 01:22 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला / संभ्ाल
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शाही जामा मस्जिद में जुमे की नमाज के बाद दुआ करते बुजुर्ग रोजेदार। - फोटो : अमर उजाला
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संभल जिले में मुकद्दस माह रमजान के दूसरे जुमे पर शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र की मस्जिदों में अकीदत और एहतराम के साथ नमाज अदा की गई। भीषण गर्मी के बावजूद मस्जिदों में नमाजियों का सैलाब उमड़ पडा। इस दौरान पुलिस ने मस्जिदों के आसपास सुरक्षा एवं निगरानी बनाए रखी। मंसूरपुर माफी और ओबरी में मस्जिदें छोटी पड़ीं तो सड़क तक सफें बिछीं।  
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रमजान माह के दूसरे जुमे को नमाज के लिए रोजेदारों में उत्साह दिखा। सुबह 10 बजे से ही मस्जिदों में नमाज के लिए लोगों का पहुंचना शुरू हो गया था। नमाज ए जुमा से पहले ही मस्जिदें खचाखच भर गईं। रोजेदारों को खुले आसमान के नीचे चिलचिलाती धूप में सड़कों पर ही नमाज अदा करनी पड़ी। संभल, सरायतरीन, सिरसी तथा ओबरी की जामा मस्जिद, मोती मस्जिद, मदीना मस्जिद, जाफरी मस्जिद के अलावा शहबाजपुर कलां, मंसूरपुर माफी, अहरौला माफी, शाहपुरडसर, रतूपुरा, सीढलमाफी, मढ़न, मनौटा, दबोई कलां, महमूद नगर, मदाला फत्तेहपुर, मवई,रायां वुजुर्ग, इकरोटिया, शाहपुर सिरपुडा, बुकनाला सादात आदि गांवों में नमाज अदा की  गई। 


इस दौरान ओबरी जामा मस्जिद के इमाम इसरार हुसैन ने बताया कि रमजान माह का पहला अशरा रहमतों वाला होता है। इसके दो दिन शेष हैं। दूसरा अशरा मग्फिरत सोमवार से शुरू होगा। इसमें अल्लाह अपने बंदों पर रहमतों की बारिश करता है। नबी ए पाक ने बंदों को चार इस्लाह की ताकीद की है। कलमा ए इस्तगफार कसरत से पढें। गुनाहों से तौबा करें। 
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जहन्नुम से आजादी और जन्नत में मुकाम पाने को अल्लाह से लौ लगाएं।


मुकद्दस माह के पूरे रोजे रखें। गरीब यतीम बेसहारा लोगों की मदद करें। इसी माह में कुरान ए पाक नाजिल हुआ, इस महीने को खुदा की इबादत का माना गया है। रमजान का महीना रोजेदारों को अल्लाह की राह में समर्पित करने वाला और अल्लाह के नजदीक पहुंचने का मौका देता है। आखिर में उन्होंने नमाज की तरह रोजे को भी फर्ज बताया। 
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