चंदौसी। 18 दिन से गायब व्यक्ति की हत्या कर उसका शव कूड़े के ढेर में फेंक दिया गया। अब पुलिस ने हत्यारोपी की मदद करने वाले उसके बहनोई की निशानदेही पर मृतक का कंकाल संभल रोड रेलवे फाटक के पास कूड़े के ढेर से बरामद किया है। पुलिस ने शव सील कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। आरोपी मृतक का दोस्त था और पैसों के लेनदेन को गोली मारकर हत्या की थी। गोली मारने वाले आरोपी को पुलिस पहले ही भेज चुकी है।
चंदौसी कोतवाली में प्रेसवार्ता में एसपी चक्रेश मिश्र ने बताया कि चंदौसी की वैशालीनगर फेस-टू निवासी सुनीता देवी ने 20 मई को कोतवाली में पति नीरज की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। तहरीर में बताया था कि पति का दोस्त किशन निवासी ओरछी चौराहा थाना फैजगंज बेहटा जिला बदायूं उन्हें 18 मई को घर से बुलाकर ले गया था। इसके बाद वापस नहीं लौटे। परिजनों ने हत्या की आशंका जताई थी। पुलिस ने आरोपी किशन को पकड़कर पूछताछ की, पर कोई सुराग नहीं लगा। मुकदमे में नामजद होने पर उसे जेल भेज दिया।
पुलिस जांच में सामने आया था कि 18 मई की रात किशन ने अपने बहनोई भीकम निवासी गांव सरथल थाना बिलारी मुरादाबाद से कई बार फोन पर बात की थी। उसे हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की गई। उसने अपने साले किशन द्वारा नीरज की हत्या किए जाने की बात कही। पुलिस ने शनिवार को भीकम की निशानदेही पर मृतक नीरज का कंकाल चंदौसी में संभल रोड रेलवे फाटक के पास सड़क किनारे लगे कूड़े के ढेर में बरामद कर लिया है। हत्या में सहयोग करने वाला आरोपी अभी पुलिस हिरासत में है।
दोस्त ने पैसों को लेकर दिया दगा, कमरे पर ले जाकर मारी गोली
चंदौसी। जिला बदायूं के थाना फैजगंज बेहटा के ओरछी चौराहा निवासी किशन, नीरज का दोस्त था और उसके साथ रहता था। नीरज पैसे ब्याज पर देने का काम करता था। नीरज एक प्लाट खरीदने की तैयारी कर रहा था तथा ढाई लाख रुपये बयाना भी दे दिया था। प्लाट मालिक बैनामा कराने के लिए दबाव बना रहा था। इसके लिए नीरज पैसे एकत्र करने में जुटा था। 18 मई को भी कहीं से पैसे आए थे। किशन उसे बुलाकर ओरछी चौराहा स्थित ट्रैक्टर एजेंसी के ऊपर बने कमरे में ले गया था। किशन वहीं रहता था। आरोप है कि वहां पैसों को लेकर दोनों में कहासुनी हो गई। बात बढ़ने पर किशन के सीने में गोली मारकर हत्या कर दी।
दोस्त को मारने के बाद बुलाया बहनोई को
चंदौसी। किशन ने 18 मई की रात को ही नीरज की गोली मारकर हत्या कर दी थी। गोली मारने के बाद वह घबरा गया और शव को ठिकाने लगाने के लिए उसने अपने बहनोई का सहारा लिया। रात में ही किशन ने अपने बहनोई भीकम निवासी गांव सरथल थाना बिलारी जिला मुरादाबाद को फोन करके बुलाया। वहां से दोनों शव को बोरे में भरकर गाड़ी में रखकर संभल रोड पर पहुंचे। वहां सड़क किनारे पड़े कूड़े में शव को दबा दिया।
पत्नी ने जताया था शक, शातिर किशन से पुलिस नहीं उगलवा पाई राज
चंदौसी। मृतक नीरज की पत्नी सुनीता ने पहले ही किशन पर हत्या का शक जताया था। पुलिस ने घटना के दो दिन बाद मुकदमा दर्ज किया और शक में आरोपी किशन को गिरफ्तार भी कर लिया था। काफी पूछताछ के बाद भी पुलिस किशन से हत्या का कोई सुराग पता नहीं लगा पाई थी। बार बार पूछने के बाद आखिर पुलिस ने अपहरण का मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया था, वहां से उसे जेल भेज दिया था। कॉल डिटेल के आधार पर पुलिस किशन के बहनोई तक पहुंची, उसके बाद हत्याकांड का खुलासा हुआ।