सरगना समेत दो आरोपी भागे हुए हैं। आरोपियों के फोन नबंर भी बंद आ रहे हैं। पुलिस अब कॉल डिटेल के आधार पर छानबीन को आगे बढ़ा रही है।
संभल कोतवाली क्षेत्र के मोहम्मदपुर टांडा में लकड़ी व्यापारी के कारखाने पर शुक्रवार को शाम फर्जी आयकर विभाग टीम पहुंची थी। टीम तो दस हजार रुपये की वसूली करके चली गई थी लेकिन लकड़ी व्यापारी को टीम पर शक हो गया था। उसके प्रयासों ने पुलिस टीम ने फर्जी आयकर अधिकारी बनकर आए आरोपियों को पकड़ लिया।
मुरादाबाद जिले के मऊ गांव का निवासी विनोद कुमार पुत्र विजय सिंह और मुरादाबाद के मोहल्ला खदाना निवासी सरताज पुत्र जाकिर को पकड़ा गया था। जाकिर बुलेरो चला रहा था जबकि विनोद कुमार टीम में शामिल था। पुलिस से पूछताछ में इन दोनों का कहना है कि यह लोग पहली बार टीम में शामिल हुए थे। टीम में मुरादाबाद निवासी एसके पाठक को फर्जी आयकर अधिकारी बताया गया है जबकि एक और नाम लाकड़ी फाजलपुर निवासी राधेश्याम का सामने आया है। पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के बाद एसके पाठक और राधेश्याम के मोबाइल नंबरों पर काल की लेकिन फोन बंद आए। मुरादाबाद से इनके बारे में जानकारी की जा रही है।
कहीं चोरी की बोलेरो तो नहीं थी
संभल। जिस बोलेरो गाड़ी से फर्जी आयकर अधिकारी बनकर वसूली करने पहुंचे थे वह गाड़ी पुलिस को चोरी होने का अंदेशा है। ऐसे में पुलिस ने गाड़ी की भी जांच करनी शुरू कर दी है। टांडा चौकी इंचार्ज रणवीर सिंह ने बताया कि गाड़ी चोरी की हो सकती है। इसलिए गाड़ी की भी जांच की जा रही है। जल्द ही भागे दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।