योगी सरकार द्वारा संचालित मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना को अब और भी सरल बनाया गया है। खंड शिक्षा अधिकारी और डीआईओएस के स्तर से होने वाले सत्यापन को सरकार ने समाप्त कर दिया है। शहर क्षेत्र में अब एसडीएम और देहात क्षेत्र में खंड विकास अधिकारी के सत्यापन के बाद आवेदक को सीधे योजना का लाभ मिलने लगेगा।
प्रदेश सरकार ने कन्याओं के परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान करने, प्रदेश में समान लिंग अनुपात को मजबूती देने और बालिकाओं के स्वास्थ्य व शिक्षा का ध्यान रखने के लिए 2019 में कन्या सुमंगला योजना का शुभारंभ किया था। समाज कल्याण अधिकारी शैलेंद्र कुमार गौतम ने बताया कि जिले में वर्तमान में 7696 कन्याओं को सुमंगला योजना का लाभ मिल रहा है। सरकार ने इसे अब और सरल बना दिया है। बदली व्यवस्था के क्रम में अब एसडीएम और खंड विकास अधिकारी के बाद खंड शिक्षा अधिकारी/डीआईओएस के स्तर से होने वाले सत्यापन को समाप्त कर दिया गया है। शहर में अब एसडीएम और देहात में खंड विकास अधिकारी के सत्यापन के बाद आवेदक को सीधे योजना का लाभ मिलने लगेगा। बताया कि दस रुपये के स्टांप को भी हटा दिया है। स्वयं के घोषणा पत्र से काम चलेगा।