धनारी। एक ही परिवार के चचेरे-तहेरे भाइयों की मौत के दूसरे दिन गांव औरंगाबाद में सन्नाटा पसरा नजर आया। हर कोई शोक में डूबा हुआ है। पीड़ित परिवार को सांत्वना देने वालों का तांता लगा हुआ है। तीन बजे पूर्व मंत्री अजीत कुमार उर्फ राजू यादव मृतकों के परिवार से मिले और ढांढ़स बंधाया।
बता दें कि रविवार को 12 बजे गांव औरंगाबाद निवासी सत्यभान और चचेरा भाई रोहित की बिजली की 765 केवी की लाइन के तारों को कंपनी के कर्मचारियों के द्वारा मशीन से खींचे जाने के दौरान दोनों किशोरों तारों में उलझ कर करीब 200 फीट ऊंचाई तक जाकर नीचे आ गिरने से मौत हो गई थी। सोमवार को गांव में सन्नाटा पसरा रहा। वहीं मृतकों के घर पर सांत्वना देने के लिए दिन भर लोगों का तांता लगा रहा। परिवार में चीख पुकार मची हुई है।
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कार्यदाई संस्था ने नहीं ली मृतक परिवार की सुध
धनारी। गांव औरंगाबाद के जंगल में टावर पर 765000 केवी की लाइन खींचने क कार्य सरकार की कार्यदायी संस्था पॉवर ग्रेट की ओर से किया जा रहा है। मशीन से टावर पर तार बिछा कर दो किलोमीटर दूरी से खींचे जा रहे थे। संस्था के अधिकारी व कर्मचारियों की लापरवाही के चलते चचेरे-तहेरे भाईयों की जान चली गई। क्योंकि मशीन टावर से दो किलोमीटर दूर लगी थी। जहां से तारों को खींचा गया था। इतना ही नहीं तार खींचन से पहले किसी अधिकारी व कर्मचारी ने क्षेत्र का सर्वे भी नहीं किया। घटना के बाद पॉवर ग्रेट ने काम तो बंद कर दिया। लेकिन कंपनी की ओर से कोई जिम्मेदार अधिकारी ने पीड़ित परिवार से संपर्क तक नहीं किया है। जिससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। थाना प्रभारी संजय कुमार ने बताया कि इस मामले में अभी तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई अमल में लायी जाएगी।