चंदौसी में हैंड-टू-हैंड बिलिंग का कार्य नोएडा की एक प्राइवेट कंपनी के पास है लेकिन कंपनी के कर्मचारियों ने चंदौसी में विद्युत उपभोक्ताओं को लालचवश मनमाने बिल बनाकर दिए हैं। क्रास चेकिंग के बाद पर्दाफाश हुआ और सही बिल प्रेषित किए गए हैं तो उपभोक्ताओं के बिल कई गुना बढ़ गए। जिससे खलबली मच गई। अब विद्युत महकमा कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का मन बना रहा है।
चंदौसी में विद्युत विभाग ने कई सालों से नोएडा की एक प्राइवेट कंपनी को हैंड-टू-हैंड बिल देने का ठेका दिया हुआ है। जिसके कर्मचारी उपभोक्ताओं के घरों पर जाकर मीटर रीडिंग लेकर उपभोक्ता को हाथोंहाथ बिल देते हैं। जिसके आधार पर उपभोक्ता बिल जमा करते हैं। कंपनी के कर्मचारी सालों से एक ही क्षेत्र में जमे थे। अभी चंदौसी में सिर्फ दो मोहल्लों लक्ष्मणगंज व वारिस नगर के कर्मचारियों को हटाकर दूसरे कर्मचारियों को रखा गया। क्रास चेकिंग हुई तो मीटरों में हजारों यूनिट स्टोर मिले।
स्पष्ट है कि कर्मचारी मीटर रीडिंग देखकर बिल बनाने की बजाय उपभोक्ता के पुराने बिल के आधार पर मनमर्जी से पिछले महीने के बराबर यूनिट भरकर बिल बना देते थे। उपभोक्ता से धन का लालच मिलने पर कम यूनिट दर्ज करके कम धनराशि का बिल काटकर दे देते थे, जिससे मीटरों में यूनिट स्टोर होती रहती थी।
अब सही मीटर से अब तक जमा बिल की रीडिंग मिलाई गई तो स्टोर यूनिट का बिल भी बना दिया गया। जिससे उपभोक्ताओं के बिल दो से पांच गुना तक बढ़ गए। एक से डेढ़ हजार रुपये तक के बिल दस से पंद्रह हजार रुपये तक पहुंच गए। जिससे उपभोक्ताओं में खलबली मच गई।
नोयडा की कंपनी के कर्मचारी मनमाने तरीके से उपभोक्ताओं से धन लेकर मनमाने तरीके से बिल तैयार कर दे रहे थे, अभी सिर्फ दो मोहल्ले की ही क्रास चेकिंग कराई, जिसमें भारी स्टोर यूनिट मिली। जिसके कारण उपभोक्ताओं के बिल बढ़ गए हैं लेकिन बिल गलत नहीं है, इतनी बिजली उपभोक्ताओं ने व्यय की है। कंपनी के खिलाफ शीघ्र ही एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। -ब्रह्मपाल सिंह अधिशासी अभियंता (विद्युत) चंदौसी