गवां । गवां के प्रसिद्ध श्री हरि बाबा बांध धाम ट्रस्ट में अंदरूनी कलह अब खुलकर सामने आ गई है। ट्रस्ट दो धड़ों में बंट गया है और दोनों गुट एक-दूसरे पर धन की हेराफेरी के गंभीर आरोप लगा रहे हैं। ट्रस्ट के पांच सदस्यों ने मंत्री पर आरोप लगाते हुए कहा है कि उनके फर्जी आधार कार्ड और फर्जी शपथपत्र लगाकर चोरी-छिपे ट्रस्ट का नवीनीकरण करा लिया गया।
वर्ष 2025 में हुए नवीनीकरण को लेकर ट्रस्ट के सदस्य अवधेश कुमार सिंह, राघवेंद्र कुमार सिंह, नवीन कुमार अग्रवाल, अभय प्रताप सिंह और आशुतोष प्रताप सिंह ने बगावत कर दी है। सदस्यों का आरोप है कि पिछले कई वर्षों से उन्हें एक रुपये का भी आय-व्यय का ब्योरा नहीं दिया गया। बांध धाम पर आने वाला चढ़ावा, दानपात्र की रकम और ट्रस्ट की जमीन से होने वाली लाखों की आय कहां जा रही है, किसी को पता नहीं।
सदस्य अवधेश कुमार सिंह ने आरोप लगाया कि ट्रस्ट की जमीन पर पैदा हुए गन्ने की फसल को कुछ पदाधिकारियों ने अपने निजी नाम पर बेच दिया और पैसा हजम कर लिया। पारदर्शिता खत्म होने से नाराज सदस्यों ने अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। पूरे मामले की शिकायत मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल और जिला प्रशासन के आला अधिकारियों से की गई है। सदस्यों ने निष्पक्ष जांच और वित्तीय ऑडिट की मांग की है। शिकायत के बाद प्रशासन भी हैरत में है।
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दूसरे गुट का पलटवार, कहा- दूसरा खाता खोलकर किया गबन
दूसरी तरफ ट्रस्ट के उपमंत्री विशंबर पाठक ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे साजिश बताया है। उन्होंने कहा कि नवीनीकरण सभी सदस्यों की सहमति से हुआ है, कोई फर्जी दस्तावेज नहीं लगा। दानपात्र महीने के अंत में सबके सामने खोला जाता है और मुंशी द्वारा पूरा हिसाब रजिस्टर में लिखा जाता है। उपमंत्री ने पलटवार करते हुए आरोप लगाने वाले गुट पर ही बड़ा बम फोड़ा। उन्होंने कहा कि दिसंबर 2021 में इन चार लोगों ने ट्रस्ट का पहले से खाता होने के बावजूद एक दूसरा गुप्त बैंक खाता खुलवा लिया था। बांध की जमीन के गन्ने की पूरी रकम उसी नए खाते में मंगाई गई, जिसका हिसाब आज तक नहीं दिया गया। अब उसी को छिपाने के लिए यह हंगामा किया जा रहा है।
शिकायत मिली है। उसके आधार पर ही तीन सदस्यीय समिति का गठन कर जांच कराने के निर्देश दिए हैं। समिति के अध्यक्ष एडीएम हैं। जो भी आरोप लगाए गए हैं सभी की जांच की जाएगी। ट्रस्ट के गठन से लेकर वित्तीय स्थिति की जांच रिपोर्ट के बाद अगला निर्णय लिया जाएगा।
अंकित खंडेलवाल, डीएम, संभल