फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शिलान्यास के बाद भरेंगी किसानों की जेब

Thu, 22 Dec 2016 01:35 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, संभल
विज्ञापन
विज्ञापन
वैसे जब से जिला मुख्यालय पवांसा में बनाए जाने का नोटिफिकेशन हुआ है तभी से पवांसा तथा आसपास की प्रॉपर्टी के दाम आसमान छूने लगे थे लेकिन बीच में जिला मुख्यालय की प्रक्रिया ठंडे बस्ते चली गई थी जिसके चलते खरीदार कम हो गए। अब एक बार फिर प्रापर्टी के दाम में उछाल का माहौल है। वहीं किसान भी मालामाल होने उम्मीदें लगाए हैं। 
विज्ञापन



पवांसा के भूड़ इलाके में स्थित जंगलपुर और रहमापुर के खेतों में प्रशासन ने जिला मुख्यालय प्रस्तावित कर दिया है। अगर शासन से धनराशि का आवंटन हो गया तो इस क्षेत्र के किसानों की झोली भर जाएगी। सरकार ने मौजूदा सर्किल रेट से चार गुना दामों पर भूमि अधिग्रहण की बात कही है। फिलहाल करीब 100 करोड़ से अधिक की धनराशि अवमुक्त करने को भी हरी झंडी मिल गई है। 


  प्रशासन की ओर से जो प्रस्ताव भेजा गया है उसके मुताबिक मुख्यालय पर कार्यालयों और आवासीय परिसरों के निर्माण आदि में करीब 277.35 एकड़ भूमि की जरूरत होगी। इस हिसाब से करीब 160 करोड़ रुपये की जरूरत होगी। क्योंकि यहां का मौजूदा सर्किल रेट    40 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर है। इसमें रहमापुर और जंगलपुर का रकबा      85.471 हेक्टेयर है। इसमें ग्राम समाज की 2.268 हेक्टेयर है। अपर जिलाधिकारी आरपी यादव  ने कहा कि अभी तक शासन से किसी तरह की धनराशि मंजूर होने के संबंध में शासनादेश प्राप्त नहीं हुआ है। जैसे ही धनराशि आएगी जिला मुख्यालय का काम शुरू हो जाएगा। 
विज्ञापन


जंगलपुर-रहमापुर में जिला मुख्यालय का पवांसा में बनाए जाने का विरोध
चंदौसी। जिला निर्माण मंच ने बुधवार को तहसील परिसर में प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। जंगलपुर-रहमापुर में जिला मुख्यालय के शिलान्यास पर कड़ी नाराजगी जताते हुए नारेबाजी कर विरोध जताया। जिलेवासियों के हित की अनदेखी की गई है। जिला निर्माण मंच के तत्ववधान में बुधवार को तहसील में नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। जिला मुख्यालय पवांसा के जंगलपुर-रहमापुर में शिलान्यास करने को औचित्यहीन बताते हुए सूबे के मुखिया पर निशाना साधा। संयोजक विनोद शर्मा ने कहा कि पवांसा के जंगलपुर-रहमापुर में मुख्यालय के शिलान्यास का विरोध जारी रहेगा।

जनविरोधी निर्णय को निरस्त कराने के लिए जनपदवासियों को लामबंद कर आंदोलन तेज किया जाएगा। बार अध्यक्ष अमर सिंह यादव ने कहा कि जिला मुख्यालय का शिलान्यास हास्यपद तरीके से बिना जमीन अधिग्रहण किए कर दिया गया। सरकार के इस जनविरोधी निर्णय का विरोध जारी रहेगा। राजेंद्र सिंह, शिवओम शर्मा, अशोक शर्मा, दिनेश यादव, राघव सिंह यादव, छत्रपाल यादव, गिरिराज सिंह, मोहम्मद यामीन, इशरत अली, उमेश सिंह, प्रेमपाल सिंह, धनवीर सिंह, ओमप्रकाश, गजेंद्र सिंह, शीशपाल, मुकेश कुमार मौजूद रहे। 

कम सर्किल रेट वाली जमीन तलाशने के लिए कवायद
संभल। सर्किल रेट अधिक होने की वजह से पवांसा के आसपास के गांवों में भी जमीन देखी गई थी लेकिन मुख्यालय का नोटिफिकेशन पवांसा के लिए था जिसके चलते प्रशासन के हाथ बंध गए। जिला मुख्यालय और उससे संबंधित सभी कार्यालयों के लिए पवांसा ग्राम पंचायत के मझरों में ही जमीन चयनित की है। सिर्फ जेल ऐसी है जो दूसरी ग्राम पंचायत में बनना प्रस्तावित है।

कहीं आचार संहिता में न तोड़ दे सपने
संभल। वैसे तो पवांसा के तमाम किसानों को 160 करोड़ रुपये भूमि अधिग्रहण के बाद मिलने की उम्मीद है। वे इसे लेकर उत्साहित भी हैं लेकिन विधानसभा चुनाव सामने हैं और उसके लिए आचार संहिता जल्दी ही लग सकती है। इसे लेकर किसानों का कहना है कि तत्काल भले ही उन्हें सरकार के फैसले का लाभ न मिले लेकिन जब मुख्यालय का काम शुरू होगा तब उन्हें मालामाल होने का मौका जरूर मिलेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें