संभल। 24 नवंबर को जामा मस्जिद सर्वे के दौरान बवाल कराने में साजिश रचने के आरोपी शारिक साटा के खिलाफ पुलिस ने पहले ही वाहन चोरी के मामले में गैंगस्टर की कार्रवाई की हुई है। अब जब्त संपत्ति सेक्शन 15 के अंतर्गत उसकी संपत्ति सरकार के अधीन किए जाने की तैयारी है। इसके अलावा पुलिस शारिक साटा की अन्य संपत्तियों को खंगालने में भी लगी है।
पुलिस का मानना है कि अवैध तरीके से अर्जित किए गए धन से शारिक साटा ने जो संपत्तियां लीं, वह किसी रिश्तेदार या परिचित के नाम हो सकती हैं। इसलिए पुलिस तमाम लोगों की छानबीन करेगी। जो शारिक साटा के संपर्क में रहे हैं या रहते हैं। दुबई जाकर मिलने वाले लोगों की भी खोजबीन की जाएगी। शारिक साटा की पत्नी से भी पुलिस पूछताछ कर चुकी है।
एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई का कहना है कि बवाल में साजिशकर्ता के रूप में शारिक साटा प्रकाश में आया है। उसके दो सदस्य चार हत्या करने के आरोप में जेल भेजे जा चुके हैं। अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है। शारिक साटा ने ही दुबई से बैठकर इस बवाल को बड़ा रूप देने की साजिश रची थी। इसका खुलासा उसके सदस्य कर चुके हैं।
एसपी ने बताया कि वाहन चोरी के मामले में उसकी संपत्ति को गैंगस्टर की कार्रवाई के बाद सेक्शन 14 में कुर्क किया जा चुका है। अब यह संपत्ति गैंगस्टर के सेक्शन 15 के अंतर्गत सरकार के अधीन की जाएगी। बताया कि शारिक साटा की अन्य संपत्तियां होने की आशंका है। उनको भी खंगाला जाएगा।
एसपी ने बताया कि शारिक साटा की पत्नी से भी पूछताछ की जा चुकी है। उसके हुई पूछताछ में भी कई अहम सुराग मिले हैं। जिसके आधार पर कार्रवाई की जानी है।
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मस्जिद पर पोस्टर लगाने का जामा मस्जिद कमेटी ने किया विरोध
पुलिस ने उपद्रवियों के पोस्टर जामा मस्जिद की पिछली दीवार पर लगाए हैं। इसका विरोध जामा मस्जिद कमेटी द्वारा किया गया है। इस दौरान पुलिस से कहासुनी तक की नौबत आ गई। दो युवकों ने वीडियो भी बनाया। जिन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। हिरासत में लिए गए दो लोगों में एक युवक जामा मस्जिद कमेटी के सदर जफर अली एडवोकेट का बेटा और दूसरा युवक उनका भतीजा है। देर रात तक एएसपी से हुई वार्ता के बाद दोनों युवकों को पुलिस ने बिना किसी कार्रवाई के छोड़ दिया।